Delhi High Court : इस मामले में सुधर गए हैं दिल्ली वाले, हाईकोर्ट ने भी सराहा

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Delhi High Court : बेहतरीन ट्रैफिक सेंस के लिए सराहा

Delhi High Court : देश में सबसे ज्यादा ट्रैफिक नियमों को तोड़ने के मामले में दिल्ली का पहला स्थान है.

सितंबर 2017 में एक आरटीआई कि रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि राजधानी दिल्ली में रोज लगभगग 11 हजार लोगों का चालान काटा जाता है. मगर फिर भी वहां लोगों द्वारा सड़क नियमों को तोड़ने का सिलसिला जारी  है.
लेकिन इस बार दिल्ली की सड़कों पर वाहन चलाने वाले लोगों को हाईकोर्ट की तरफ से सराहा गया है.
दरअसल दिल्ली हाई कोर्ट ने बेहतरीन ट्रैफिक सेंस के लिए दिल्ली के लोगों की तारीफ की है. कोर्ट ने अपने एक बयान में कहा है कि दिल्ली की सड़कों पर अब लोगों ने सीट बेल्ट पहनना शुरू कर दिया और हार्न बजाने की अपनी आदत में भी सुधार किया है जो कि एक अच्छी पहल है.
हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने कहा कि दिल्ली वालों ने अब सड़कों पर गाड़ी चलाने की अपनी कुछ आदतों में सुधार किया है जो काबिले तारीफ है.
पीठ ने कहा कि लोग सीट बेल्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं, हॉर्न बजाने में कमी आई है और थोड़ा बेहतर लेन ड्राइविंग भी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यहां तक कि अब फुट ओवर ब्रिज और सबवे भी साफ नजर आने लगे हैं .
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ट्रैफिक पुलिस को मिला श्रेय
कोर्ट मे सड़कों पर लोगों के अंदर होने वाले इस बदलाव का श्रेय ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को भी दिया है. कोर्ट ने माना कि हो सकता है कि यह ट्रैफिक पुलिस के लिए एक अच्छी उपलब्धि हो.
आपको बता दें कि कोर्ट ने यह टिप्पणी एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान करी.
इस याचिका में अधिकारियों को दक्षिण दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में एफओबी और सबवे का निर्माण करने का निर्देश देने की मांग की गई थी.