पिछले दो साल में भारत के वनक्षेत्रों में हुआ 8,021 वर्ग किलोमीटर का इजाफा, बड़ी उपलब्धि

Indian Forest Area Report 2018
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Indian Forest Area Report 2018 : देश के कुल वन क्षेत्रफल 24.39 फीसदी हो गया है

Indian Forest Area Report 2018 : भारत में बढ़ती जनसंख्या की जरूरतों को पूरा करने के लिए दिनों दिन होने वाली पेड़ों की कटाई के बावजूद देश के वन क्षेत्रों में इजाफा दर्ज किया गया है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो साल में भारत के वन क्षेत्रों में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है.
साल 2015 में जहां पूरे देश में जंगलों का क्षेत्रफल 794067 वर्ग किलोमीटर था वहीं अब यह बढ़कर 2017 में 8,02,088 वर्ग किलोमीटर हो गया है. यानि की अब देश में वनों का क्षेत्रफल 8,021 वर्ग किलोमीटर और बढ़ गया जो देश के कुल क्षेत्रफल का 24.39 फीसदी है.
बता दें कि सोमवार को पर्यावरण मंत्रालय ने इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट (आईएसएफआर) 2017 जारी की है जिसमें राज्यों के अनुसार वहां के वनक्षेत्रों की जानकारी दी गई है.
रिपोर्ट में मध्य प्रदेश ,आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, ओडिशा और तेलंगाना के वनक्षेत्रों में बढ़त हुई है तो वहीं नार्थ ईस्ट के राज्यों में पहले के मुकाबले रिराबट दर्ज की गई है.
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इन राज्यों का रहा ज्यादा योगदान
वन क्षेत्रों में बढ़ोतरी के हिसाब से मध्य प्रदेश सर्वाधिक (77414 वर्ग किमी.) वनक्षेत्र वाला राज्य बना है, इसके बाद अरुणाचल प्रदेश 66964 वर्ग किमी और छत्तीसगढ़ 55547 वर्ग किमी के साथ दूसरे व तीसरे स्थान पर हैं.
इसके बाद कर्नाटक (1101 वर्ग किमी.), केरल (1043 वर्ग किमी.), ओडिशा (885 वर्ग किमी.) और तेलंगाना (565 वर्ग किमी.)का नंबर आता है.
वहीं वनक्षेत्र के घनत्व के लिहाज से लक्षदीप पहले स्थान पर है वहां राज्य का 90.33 फीसद क्षेत्रफल घने पेंड़ो से घिरा हुआ है जबकि दूसरे स्थान पर मिजोरम 86.27 फीसद और अंडमान निकोबार द्वीप समूह  81.73 फीसद इलाका वनाच्छादित है.
दूसरी तरफ वन और वृक्ष क्षेत्र में कमी लाने वाले पांच राज्यों में मिजोरम (531 वर्ग किमी.), नगालैंड (450 वर्ग किमी.), अरुणाचल प्रदेश (190 वर्ग किमी.), त्रिपुरा (164 वर्ग किमी.) और मेघालय (116 वर्ग किमी.) शामिल हैं.
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हर्षवर्धन ने मानी बढ़ी उपलब्धि
इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करते हुए पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि 2015 के मुकाबले 2017 में घने वनों का क्षेत्रफल 1.36 प्रतिशत बढ़ा है जो हमारे देश के पर्यारण के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि वेरी डेंस फॉरेस्ट (वीडीएफ) वातावरण से सबसे ज्यादा कार्बन अवशोषित करते हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि सर्वाधिक वनक्षेत्र वाले शीर्ष नौ देशों की जनसंख्या घनत्व लगभग 150 है जबकि 382 जनसंख्या घनत्व के साथ भारत का वनक्षेत्रफल में दसवें पायदान पर रहना, बड़ी उपलब्धि है.
इसके अलावा इस रिपोर्ट को तैयार करने वाली संस्था सेंटर फॉर साइंस ऐंड इन्वायरमेंट ने बताया कि साल 2015 में किए गए मूल्यांकन में 589 जिलों को शामिल किया गया था जबकि इस बार 633 जिलों को शामिल किया गया है.