गांव में बिजली पहुंचाने के कार्य से प्रभावित होकर सीरिया, जार्डन ने भी भारत से मांगी मदद

Indian Rural Electrification
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Indian Rural Electrification : इन देशों ने ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) के काम को देखते हुए इसमें रूचि दिखाई है.

Indian Rural Electrification : देश में हर गांव तक बिजली पहुंचाने के दावों को भले ही कुछ लोग झूटला रहे हों मगर अंतराष्ट्रीय मंच पर इसे लेकर हमारे लिए एक खुशखबरी आई है.

दरअसल भारत के हर गांव में बिजली पहुंचाने के क्रियानवान से प्रभावित होकर जार्डन, सीरिया और कुछ अफ्रीकी देशों ने अपने यहां भी विद्युतिकरण के लिए हमसे मदद मांगी है.
इन देशों ने भारत के गांवो में बिजली पहुंचाने वाली संस्था ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) के काम को देखते हुए इसमें रूचि दिखाई है.
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले महीने 28 अप्रैल को ट्वीट कर जानकारी दी कि देश के सभी 5,97,464 गांवों में बिजली पहुंचाने का काम पूरा किया जा चुका है. इसी सफलता को देखते हुए इन देशों ने भी अपने यहां बिजली की पहुंच बढ़ाने के लिए भारत से मदद मांगी है.
गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों में सीरिया में गृहयुद्ध के कारण वहां बहुत नुकसान हुआ है जिसमें बिजली की सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं.
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यही नहीं सीरिया समेत सभी पश्चिमी एशियाई देश पिछले सात वर्षों में खूनी गृहयुद्ध झेल रहे हैं जिस कारण ये विकास के तमाम संसाधनों से पिछड़ते चले गए हैं.
वहीं जार्डन ने भी अपने कुछ क्षेत्रों में बिुजली पहुंचाने के लिए आरईसी की मदद मांगी है. इसके अलावा उप-सहारा अफ्रीकी देश भी आरईसी की विद्युतिकरण योजना में अपनी रूचि रखते हैं.
विद्युतिकरण को लेकर इन देशों द्वारा मांगी गई सहायता के बारे में आरईसी कार्यकारी ने कहा कि हम ऐसे देशों में अपना समर्थन और मदद पहुंचाने के लिए तैयार हैं.
बता दें कि आरईसी भारत का सबसे बड़ा बिजली क्षेत्र ऋणदाता, नोडल एजेंसी है जो ग्रामीण हिस्सों में बिजली पहुंचाने का काम करता है.
एक रिपोर्ट के मुताबिक  दिसंबर के नौ महीनों में, आरईसी की ऋण पुस्तिका 224 ट्रिलियन रुपये थी, जिसका शुद्ध मूल्य 36,567 करोड़ रुपये था.
हालांकि पावर ग्रिड कॉर्प ऑफ इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआईएल) पहले से ही दुनिया के 20 देशों में काम कर रहा है जिसमें केन्या, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, किर्गिज गणराज्य, ताजिकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे देश इसके ग्राहक हैं.
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी देश के हर गरीब के घर को बिजली से रोशन करने के लिए सौभाग्य योजना की शुरूआत करी है, जिसका लक्ष्य 31 मार्च 2019 तक हर घर में बिजली पहुंचाने का है.