अगले 10 साल में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी टूरिज्म इकोनॉमी बनेगा भारत, 1 करोड़ लोगों को मिलेगी नौकरी

Indian Tourism Economy
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Indian Tourism Economy : इस समय टूरिज्म इकोनॉमी में भारत का सातंवा स्थान है

Indian Tourism Economy : भारत के अतिथि देवो भवः का असर विदेशी सालानियों के उपर दिखना शुरू हो गया है, यही वजह है कि 2028 तक हमारा देश दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी टूरिज्म इकोनॉमी बन सकता है.

वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल (डब्ल्यूटीटीसी) ने देश की कुल जीडीपी और टूरिज्म से होने वाली कमाई के आधार पर तैयार की गई अपनी एक रिपोर्ट में यह बाते कही हैं.
दरअसल पिछले कुछ सालों से भारत में विदेशी सैलानियों के आने की संख्या में खासा इजाफा देखने को मिला है. यही वजह है कि हमारे देश में इस सेक्टर में रोजगार के अवसर भी बढ़ें हैं और कई लोगों को नौकरियां भी मिली हैं.
डब्ल्यूटीटीसी ने अपनी इस रिपोर्ट में माना है कि साल 2028 तक भारत के टूरिज्म क्षेत्र में 1 करोड़ नई नौकरियां पैदा होंगी. इसके अलावा ट्रैवल एंड टूरिज्म में सीधे और परोक्ष रूप से नौकरियां 2028 में 42.9 मिलियन से बढ़कर 52.3 मिलियन हो जाएंगी.
हालांकि डब्ल्यूटीटीसी की अध्यक्ष ग्लोरिया गुएवारा ने भारत को अपने टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर बनाने के लिए कई सुधार करने की बात भी कही है. उन्होंने कहा कि ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर के लिए सबसे महत्वपूर्ण जो होता है वो है उस देश का इन्फ्रास्ट्रक्चर.
ग्लोरिया ने पूर्वी और पश्चिमी पड़ोसी देशों का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने बंदरगाहों,एयरपोर्ट्स, हाईस्पीड रेल और रोड नेटवर्क पर फोकस कर एक वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है.
भारत की वीजा प्रणाली की करी तारीफ
ग्लोरिया ने कहा कि मौजूदा सरकार ने कुछ बेहतरीन कदम उठाए हैं जिसके जरिए अतंर्राष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है.
उन्होंने बताया कि 163 देशों के लिए ई-वीजा की सुविधा शुरू करना और इन्क्रेडिबल इंडिया 2.0 कैंपेन की अच्छी मार्केटिंग और पीआर रणनीति के साथ लॉन्च करना भी एक अच्छा कदम भारत के लिए साबित हो सकता है.
बता दें कि इस समय टूरिज्म इकोनॉमी में भारत का सातंवा स्थान है.