भारत में हर साल लगभग एक लाख नवजात अपर्याप्त स्तनपान के कारण मर जाते हैं

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मां के द्वारा बच्चों को कराए जाने वाले स्तनपान को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने एक रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में हर साल लगभग एक लाख बच्चे ऐसी बीमारियों से मरते हैं जिन्हें स्तनपान के जरिए रोका जा सकता था.

यूनिसेफ और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ग्लोबल ब्रेस्टफीडिंग कलेक्टिव के साथ मिलकर एक नई रिपोर्ट ‘ग्लोबल ब्रेस्टफीडिंग स्कोरकार्ड’ जारी की है. जिसमें कहा गया है कि स्तनपान से न सिर्फ डायरिया और निमोनिया से बचने में मदद मिलती है, बल्कि मांओं के लिए गर्भाशय के कैंसर और स्तन कैंसर के खतरे भी कम हो जाते हैं.

रिपोर्ट में बताया कि चीन, भारत, नाइजीरिया, मैक्सिको और इंडोनेशिया में अपर्याप्त स्तनपान के कारण हर साल 2.36 लाख बच्चों की मौत हो जाती है.

इन देशों में अपर्याप्त स्तनपान के कारण होने वाली मौतों और अन्य नुकसानों की वजह से अर्थव्यवस्था को प्रति वर्ष पहुंचने वाला नुकसान लगभग 119 अरब डॉलर का है.

जबकि अपर्याप्त स्तनपान के कारण होने वाली मौतों और अन्य नुकसानों से अकेले भारत देश की अर्थव्यवस्था को 14 अरब डॉलर तक का नुकसान पहुंच सकता है.

भाषा के इनपुट से