MBA Graduate Job : देश में एमबीए करने वाले आधे से ज्यादा छात्रों को नहीं मिल रहा रोजगार

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MBA Graduate Job : 2016-17 में 53 फीसदी को नहीं मिली नौकरी

MBA Graduate Job : देश में तेजी से बढ़ती बेरोजगारी आज हर युवा के लिए एक चिंता का विषय बनी हुई है.

आज हम कोई भी प्रोफेशनल कोर्स क्यों ना कर ले मगर जब नौकरी के लिए बाहर निकलते हैं तो हर जगह निराशा ही हाथ लगती है.
हाल ही में हिनदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में यह सामने आया है कि 2016-17 में मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) करने वाले 47 फीसदी छात्रों को ही कोर्स पूरा करने के बाद नौकरी मिल पाई है.
यही हाल पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा (पीजीडीएम) करने वाले छात्रों का भी है. इस कोर्स को करने वाले सिर्फ 60 फीसदी लोगों को ही अब तक नौकरी मिल पाई है जो पिछले साल के मुकाबले 12 फीसदी कम है.
हालांकि इन आकड़ों में इडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेनेजमेंट (IIM) के छात्रों को शामिल नहीं किया गया है.
ये डाटा केवल अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE)से मान्यता प्राप्त संस्थाओं से पास होकर निकले छात्रों के आधार पर तैयार किया गया है.
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तैयार किए गए आकड़ों के मुताबिक 2016 से लेकर 2017 तक देश के 5 हजार इंस्टीट्यूट्स में से करीब 2 लाख एमबीए करने वाले बच्चे पास आउट हुए हैं, जिनमें से केवल 90 हजार छात्रों को रोजगार मिल पाया है.
गौरतलब है कि कि इन आकड़ों को देखने के बाद एआईसीटीई के अधिकारी भी अचंभित हो गए हैं.
एआईसीटीई के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि कॉलेजों में छात्रों के पढ़ने के बाद उनका नौकरी पाना कंपनियों पर निर्भर करता है.
उन्होंने कहा कि इसको ध्यान में रखते हुए हम लोग बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखकर पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम में लगातार बदलाव कर रहे हैं.
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 अधिकारी ने बताया कि हमने करीब 3,500 इंस्टीट्यूट्स का सिलेबस चेंज करा दिया है. और अपने नए सिलेबस में हम लोग छात्रों को थ्योरी पढ़ाने से ज्यादा ट्रेनिंग कराने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं.
यूनाइटेड नेशन्स ग्लोबल कॉम्पैक्ट के एग्जक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ कमल सिंह का इस बारे में कहना है कि इस फिल्ड में बेरोजगारी की सबसे बड़ी परेशान ये है कि संस्थान में होने वाली पढ़ाई इंडस्ट्री की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रही है.
इस वक्त इंडस्ट्री में इन बच्चों से जो अपेक्षा की जा रही है वैसी पढ़ाई इन संस्थानों में नहीं हो पा रही है.
वहीं पीपुलस्ट्रॉग के सह-संस्थापक पंकज बंसल का कहना है कि हमें ऐसे लोगों की जरूरत है जो तुरंत काम की जिम्मेदारी संभाल सकें लेकिन आईआईएम और कुछ एक संस्थानों को छोड़ दें तो ज्यादातर संस्थानों के स्टूडेंट तुरंत जिम्मेदारी संभालने में काबिल नहीं हो पा रहे हैं.

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