मुंबई में कल हुए विमान हादसे में किसकी थी गलती और कौन बना मसीहा

Mumbai Ghatkopar Chartered Plane Crash

Mumbai Ghatkopar Chartered Plane Crash : इस दुर्घटना में कुल 5 लोगों की मौत हुई है

Mumbai Ghatkopar Chartered Plane Crash :  गुरूवार को मुंबई के रियासी इलाके घाटकोपर में एक चार्टर्ड प्लेन के क्रैश होने की खबर ने पूरे देश को हैरान कर रखा है.

बता दें कि इस दुर्घटना में कुल 5 लोगों की मौत हुई है जिसकें एक गर्भवति महिला भी शामिल है.
चुंकि ये एक चार्टर्ड प्लेन था इसलिए दुर्घटना ज्यादा बड़ी नहीं हुई, मगर फिर भी मुंबई में किसी प्लेन का दुर्घटनाग्रस्त होना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है.
निर्माणाधीन बिल्डिंग से टकराया प्लेन
दरअसल, निर्माणाधीन बिल्डिंग से टकराने के बाद इस चार्टेड प्लेन में आग लग गई थी, जिसके बाद से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
वहां के लोगों को पहले तो इस घटना को समझने में ही कुछ समय लग गया कि आखिर ये क्या और कैसे हुआ. लेकिन फिर बाद में फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मौके पर पहुंकर वहां के लोगों को संभालने की कोशिश करी.
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सीएम देवेन्द्र फडणवीस से लिया जायजा
बता दें कि जैसे ही इस घटना की जानकारी सीएम देवेन्द्र फडणवीस को मिली वो तुरंत ही दुर्घटना स्थल का जायजा लेने पहुंच गए.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस विमान हादसे में 5 लोगों की मौत हुई है.मरने वालो में मारिया जुबेरी -पायलट, प्रदीप राजपुत – को पायलट सुरभी -टेक्नीकिल इंजीनियर, मनीष पांडे– टेक्नीकल इंजीनियर और एक रास्ते पल चलने वाले आम नागरिक शामिल है.
आखिर किसका है विमान
इस विमान दुर्घटना के बाद कल से ही इस बात में बहस होनी शुरू हो गई है कि आखिर ये विमान है किसका और इसके पीछे गलती किसकी है.
पहले बताया गया कि ये विमान यूपी सरकार का है, लेकिन बाद में यूपी सरकार ने इसपर सफाई देते हुए कहा कि यह विमान 4 साल पहले तक उसका था मगर 2014 में उसने इलाहाबाद में हुई एक दुर्घटना के बाद इसे यूवाई एविएशन बांबे को बेच दिया था.
खराब मौसम में भरी उड़ान
प्लेन हादसे की शिकार हुई पायलट मारिया जुबेर के पति पी कथुरिया ने मौत के बाद मीडिया को जानकारी दी कि इस दुर्घटना को टाला जा सकता था .
उन्होंने कहा कि हादसे से पहले पत्नी मारिया से उनकी बात हुई थी और उसने बताया था कि खराब मौसम के कारण फ्लाइट नहीं उड़ाई जा सकती है. लेकिन इसके बावजूद एविएशन कंपनी ने जबरद्स्ती इस फ्लाइट को उड़ाने के लिए पायलटों पर जोर किया इसलिए इस दुर्घटना की जिम्मेदार एविएशन कंपनी है.
वहीं ये भी कहा जा रहा कि कंपनी ने मरम्मत के बाद विमान को टेस्ट फ्लाइट के लिए निकला था, इससे ये भी हो सकता है जहाज में कुछ तकनीकी खराबी होने के संकेत भी मिलते हैं. खैर जब तक इस पर गठित जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती तब तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा.
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तो क्या पायलट ने बचाई कई जानें
दरअसल इस हादसे के बाद से वहां के प्रत्यक्षदर्शी और कुछ जानकार लोग ऐसा दावा कर रहें है कि अगर समय रहते पायलट ने सूझबूझ ना दिखाई होती तो ये हादसा और भी बड़ा हो सकता था.
वहीं मृतकों में से एक पायलट प्रदीप राजपूत के परिजनों का कहना है कि अगर वह और उनकी टीम चाहते तो पैराशूट का इस्तेमाल करके आसानी से बच सकते थे.
लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और आवासीय इलाके से विमान को निकालने और दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जिंदगी गंवा दी.
जानिए कैसे घटी घटना
गुरुवार को दोपहर 12:20 पर जुहू हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाले इस विमान को टेस्टिंग करके वापस इसी एयरपोर्ट पर लैंड होना था.
मगर दुर्भाग्यवश इस उड़ान की टेस्टफ्लाइट कभी पूरी ना हो सकी और ये जहाज महज 48 मिनटे के बाद ही क्रैश हो गया .
जहाज जिस निर्माण साइट पर क्रैश हुआ वहां से सिटी एयरपोर्ट के रनवे की दूरी 3 किमी से भी कम बची थी.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुतबिक उड़ान के दौरान लैंडिंग के लिए जहाज ने जैसे ही राइट टर्न लिया, उसका संपर्क एटीएस जुहू से टूट गया और फिर एक पेड़ से टकराते हुए ये निर्माणाधिन बिल्डिंग पर जाकर गिर गया.