आतंकवाद छोड़ सेना में शामिल हुए शहीद नजीर अहमद को मिलेगा अशोक चक्र

Nazir Ahmad Wani Ashok Chakra

Nazir Ahmad Wani Ashok Chakra : शोपियां में नवंबर 2018 में हुई मुठभेड़ में शहीद हए थे नजीर अहमद

Nazir Ahmad Wani Ashok Chakra : आतंक वाद से पीड़ित राज्य जम्मू कश्मीर के लिए देश प्रेम का आज एक बड़ा उदाहरण स्थापित हुआ है.

दरअसल जम्‍मू और कश्‍मीर में आतंकवाद का रास्‍ता छोड़कर भारतीय सेना में शामिल हुए शहीद लांस नायक नजीर अहमद वानी को इस साल मरणोपरांत अशोक चक्र के लिए चुना गया है.
अहमद वानी को 26 जनवरी के अवसर पर ये वीरता चक्र दिया जाएगा,चूंकी अहमद अब हमारे बीच नहीं तो ऐसे में उनका परिवार इस चक्र को लेगा.
बता दें की पिछले साल नंवबर में शोपियां में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान अहमद शहीद हो गए थे, हालांकी इसमें हमारी सेनाने 6 आतंकियों को भी मार गिराया था.
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उस समय शहीद वानी 34 राष्‍ट्रीय रायफल्‍स का हिस्‍सा थे.हालांकी इसके अलावा वह जम्‍मू और कश्‍मीर लाइट इंफैंट्री रेजीमेंट में भी रहे थे.
राष्ट्रपति के सेक्रेटरी ने जारी करी प्रेस रिलीज
राष्ट्रपति के सेक्रटरी की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ के मुताबिक ‘लांस नायक वानी ने दो आतंकियों को मारने और अपने घायल साथी को बचाते हुए सबसे बड़ा बलिदान दिया. जब खतरा देखते हुए आतंकियों ने तेज गोलीबारी शुरू कर दी और ग्रेनेड भी फेंकने लगे ऐसे अकुलाहट भरे वक्त में वानी ने एक आतंकी को करीब से गोली मारकर खत्म कर दिया.
पहले थे आतंकी
गौरतलब है की सेना में शामिल होने से पहले अहमद एक आतंकवादी संगठन से जुड़े हुए थे.
लेकिन जब उन्हें इस बात का अहसास हुआ तो उन्होंने देश विरोधी ताकतों से नाता तोड़ दिया और फिर सेना में जाने का मन बनाया.
शहीद वानी साल 2004 में प्रादेशिक सेना में शामिल हुए थे तब से लेकर शहीद हाने के पहले तक उन्होंने भारतीय सेना से जुड़कर राष्ट्र सेवा करी.
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जम्‍मू-कश्‍मीर के चेकी अशमुजी गांव के रहने वाले शहीद लांसनायक नजीर वानी के परिवार में पत्‍नी, पिता और दो बच्‍चे हैं.
सुपुर्दे खाक में भावुक हुआ था देश
बता दें की मुठभेर में शहीद होने के बाद सेना के बड़े से बड़े अधिकारी भी वानी के सुपुर्द-ए-खाक में शामिल हुए थे.
यही नहीं वानी के सुपुर्द-ए-खाक में 500 से 600 ग्रामीण मौजूद थे साथ ही उन्हें 21 तोपों की सलामी भी दी गई थी.