Pilibhit open defecation: जिले में खुले शौच की नहीं मनाही, मगर एक हाथ में लोटा और दूसरे में खुरपी जरूरी

pilibhit open defecation
फोटो साभार- इंडियन एक्सप्रेस

Pilibhit open defecation: खुरपी से गड्ढा खोद कर मल दबाना जरूरी

Pilibhit open defecation: भारत को 2019 तक खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए हर राज्य में अपने-अपने तरीके से कोशिश की जा रही है.

इसी प्रयास में यूपी के पीलीभीत जिले नें भी एक अनोखा तरीका तैयार किया है.
एक गांव ऐसा भी
पीलीभीत शहर से 18 किमी दूरी पर सिरसा सरदसा गांव में लोगों को खुले में शौच करने के लिए पूरी छूट मिली हुई है. मगर उसके साथ जो शर्त रखी गई है वो समझ के परे हैं.
दरअसल इस गांव के लोगों को प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि वो जब भी खुले में शौच करने के लिए घरों से निकले तो बोतल या लोटे के साथ खुरपी या कुदाल जरूर ले जाएं. ताकी वो शौच के बाद अपने मल को गड्ढा खोदकर उसमें दबा सकें.
इसके पीछे प्रशासन का तर्क है कि ऐसा करने से मक्खियों के जरिए फैलने वाली बीमारियों का खतरा कम हो जाएगा.
गांव में नहीं है शौचालय की सुविधा
पीलीभीत के मुख्य विकास अधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि हमने उन्हें ऐसा करने के लिए इसलिए कहा है क्योंकि गांव में एक-दो घर छोड़कर ज्यादातर घरों में शौचालय की सुविधा नहीं है.
जिसकी वजह से उनका खुले में शौच के लिए जाना मजबूरी है. उन्होंने बताया कि जिले में अब भी 1,87,312 घर ऐसे हैं जहां शौचालय नहीं है.
श्री सिंह ने जानकारी दी कि जिले में जंगल से सटे 94 ऐसे गांव हैं. जिनमें 80 फीसदी ग्राम पंचायतों में शौचालय बनाने के लिए सरकारी सहायता का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंच चुका है. और धीरे धारे लोगों ने अपने घरों में शौचालय बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.
गांव वालों को आती है घिन
ऐसा करने के बारे में जब गांव वालों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें खुरपी से ये सब करने में बहुत घिन आती है. लेकिन अधिकारियों की टीम कह गई तो उन्हें मजबूरी में ऐसा करना पड़ रहा है.
वहीं गांव के प्रधान सोनू ने बताया कि गांव में एक टीम बनाई गई है जो ये देखती है कि निर्देश का पालन हो रहा है या नहीं.
सोनू ने कहा कि जब तक हमारे गांव के घरों में शौचालय का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक बीमारियों को रोकने के लिए ऐसा करना जरूरी है.