विश्व में शांति के लिए पिछले 70 सालों में सबसे ज्यादा भारतीयों ने गंवाई जान – संयुक्त राष्ट्र

UN Employees Sexual Harassment Survey

UN Peacekeepers Death : 1948 से अब तक कुल 163 भारतीय ने विश्व शांति के गंवाई जान

UN Peacekeepers Death : वसुधैव कुटुम्बकम की हमेशा से बात करने वाले भारत ने विश्व में शांति स्थापित करने के लिए सबसे ज्यादा जान गंवाई है.

संयुक्त राष्ट्र ने ये जानकारी साझा करते हुए बताया है कि उसके द्वारा चलाए जा रहे शांति स्थापना मिशन में सबसे ज्यादा भारतीय लोगों की मौत हुई है.
यूएन की इस रिपोर्ट के मुताबिक 1948 से अभी तक विश्व शांति स्थापना के मिशन में कुल 3737 लोगों की मौत हुई है जिसमें से 163 भारतीय हैं जो किसी भी अन्य देश के रक्षकों से सबसे ज्यादा है.
इन 163 शांतिरक्षकों में सेना, पुलिस औरअसैन्य कर्मचारी भी शामिल थे.
बता दें कि इस समय संयुक्त राष्ट्र में शांतिरक्षकों के मामले में योगदान करने वाला भारत तीसरा सबसे बड़ा देश है.
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मौजूदा समय में 6,693 भारतीय शांतिरक्षक अबेई , साइप्रस , कांगो , हैती , लेबनान , मध्य पूर्व , दक्षिण सूडान और पश्चिमी सहारा में तैनात हैं.
वहीं अन्य देशों की बात करे तों अभी मौजूदा वक्त में यूएन के इस मिशन में 124 देशों के 96 हजार से ज्यादा शांति स्थापना करने वाले कर्मी कार्य कर रहे हैं.
गौरतलब है कि ये सभी जानकारी यूएन ने कल अपने अंतरराष्ट्रीय शांतिरक्षक दिवस पर एक कार्यक्रम के आयोजन के दौरान साझा करी. इस कार्यक्रम में दुनियाभर के शांतिरक्षकों के बलिदान के लिए उन्हें श्रदांजलि अर्पित की गई.
हालांकि 2017 में भारत के किसी भी शांतिरक्षक को इस अभियान में अपनी जान नहीं गवानी पड़ी. मगर 2016 में दो भारतीय शांतिरक्षक राइफलमैन बृजेश थापा और रवि कुमार की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई थी.
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बता दें कि बृजेश थापा जहां यूएन आर्गेनाइजेशन स्टेबलाइजेशन मिशन इन द डेमोक्रेटिक रिपब्लिकन ऑफ द कांगो (एमओएनयूएससीओ) में तैनात थे वहीं रवि कुमार यूएन इंटरिम फोर्स इन लेबनान में तैनात थे.
पिछले साल इन्हें मरणोपरांत डैग हैमरस्जोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया था.