महिलाओं से संबंधित घरेलु हिंसा के मामले में पश्चिम बंगाल का पहला स्थान

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देश में महिलाओं के साथ हो रही हिंसा की घटनाओं के मामले में पश्चिम बंगाल का स्थान सबसे ऊपर है. एक रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं से संबंधित हिंसा के मामले में पश्चिम बंगाल का पहला स्थान है. जबकि दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश है.
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने वर्ष 2016 के आधार पर अपनी इस रिपोर्ट को तैयार कर सार्वजनिक किया है. हालांकि यह आंकड़ा एनसीआरबी की अंतिम रिपोर्ट में अलग हो सकता है. जिसे इस वर्ष के अंत तक जारी करने की उम्मीद है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2016 में पश्चिम बंगाल में महिलाओं के खिलाफ कुल 34,205 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे. जिनमें से 20,265 यानि की सभी मामलों का 59 प्रतिशत घरेलु हिंसा से जुड़ा था.
रिपोर्ट के अनुसार 2016 में  बंगाल में लगभग 21,619 लोगों को घरेलु हिंसा के इल्जाम में गिरफ्तार किया गया था. इन मामलों में ज्यादा तर पत्नी को मारना, दहेज की मांग, आत्महत्या के लिए उकसाने की दलील शामिल थी. राज्य की यह हालात तब है जब वहां की मुख्यमंत्री खुद एक महिला है.
हालांकि इस रिपोर्ट के आने के बाद विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में घरेलु हिंसा के खिलाफ महिलाओं के अंदर जागरूकता भी बढ़ी है. जिसकी वजह से वो पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित हुई हैं.
टाइम्स ऑफ इंडिया पर छपि खबर के अनुसार राज्य की महिला आयोग लीना गंगोपाध्याय ने कहा कि हम महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में और अधिक जागरूक करने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि हमारे आयोग की एक प्रमुख योेजना है कि हम महिलाओं के खिलाफ हो रहे घरेलु हिंसा से संबंधित विषय पर किताब प्रकाशित करें.  इसके अलावा उनके अधिकारों को शिक्षित करने के लिए भी हम अन्य माध्यमों का सहारा ले रहे हैं.
वहीं अन्य महिला अधिकार कार्यकर्ता खादीजा बानों का दावा है कि हमारे राज्य में निचले मध्यमवर्गीय परिवारों की इस मामले में स्थिति बेहद गंभीर है.
खादीजा ने कहा कि हालांकि राज्य में चल रही कन्या श्री परियोजना ने लड़कियों की काफी मदद की है,मगर फिर भी एक बड़ा हिस्सा अब भी अंधेरे में है.