शराब के नशे में धुत हो रही पूरी दुनिया, भारत में सलाना 2.5 लाख लोग गंवा रहे जान

WHO World Liquor Consume Death Report
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WHO World Liquor Consume Death Report : दुनिया भर में हर साल करीब 30 लाख लोगों की मौत शराब की वजह से होती है

WHO World Liquor Consume Death Report : शराब मानव शरीर के लिए कितनी हानिकारक है इस बात से तो हम सब वाकिफ हैं, लेकिन इसके बावजूद लोगों में इसका सेवन निरंतर बढ़ता जा रहा है.

चिंता की बात तो यह है कि जैसे जैसे लोगों में शराब पीने का चलन बढ़ा है वैसे ही इसके कारण होने वाली मौतों का भी ग्राफ ऊपर की तरफ चढ़ा है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को अपनी एक रिपोर्ट जारी कर दुनिया भर के देशों को शराब पीने से बढ़ती मृत्यु दर और इसके खपत के बारे में आइना दिखाने का काम किया है.
रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में हर साल करीब 30 लाख लोगों की मौत शराब की वजह से होती है, जो कि किसी भी अन्य हिसां या बिमारी से कई अधिक है.
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हर 20 में से 1 मौत का कारण है शराब
संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य ऐजेंसी की इस रिपोर्ट की माने तो दुनियाभर में हर साल होने वाली 20 मौतों में से 1 शराब पीने वाले की बोती है.
इनमें क्रमशः शराब पीकर गाड़ी चलाने, शराब पीकर हिंसा करने, इससे जुड़ी बीमारी जैसे कैंसर,हार्टअटैक और लीवर खराब वजह से होने वाली मौतें शामिल हैं.
पुरूषों में ज्यादा है इसका चलन
रिपोर्ट के मुताबिक करीब 23.7 करोड़ पुरुष और 4.6 करोड़ महिलाएं मौजूदा समय में ऐल्कॉहॉल से जुड़ी समस्या का सामना कर रहे हैं इनमें ज्यादातर यूरोप और अमेरिका में रहने वाले हैं.
वहीं अगर भारत की बात करें तो हमारे यहां 2005 से 2016 के बीच प्रति व्यक्ति शराब की खपत 2.4 लीटर से बढ़कर 5.7 लीटर हो गई है. जिसमें पुरुषों द्वारा 4.2 लीटर और महिलाओं द्वारा 1.5 लीटर का उपभोग किया गया है.
क्या है भारत का हाल
WHO की 300 पन्नों की तैयार करी गई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में प्रति व्यक्ति शराब की खपत 2005 से 2016 तक दोगुना हो गई है.
इसके विपरित प्रभावों के चलते देश में हर साल 2.6 लाख भारतीयों की मौत शराब के कारण हो रही है.बता दें कि भारत में भारत में अकेले वर्ष 2017 में लगभग 350 करोड़ डॉलर का शराब का कारोबार हुआ है.
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कच्ची शराब भी बड़ी मुसीबत
गौरतलब है कि बीते कई सालों में शराब से होने वाली मौतों को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों नें भी विभिन्न योजनाओं पर अमल और उसे लागू करने का काम किया है.
मौजूदा समय में गुजरात और बिहार समेत करीब 5 राज्यों ने अपने यहां पूर्ण रूप से शराबबंदी लागू कर रखी है. लेकिन एक बड़ी जनसंख्या का इसके प्रति झुकाव आज भी हमारे देश के लिए चुनौती बन रहा है और इसमें सबसे बड़ा जहर बन रहा कच्ची शरीब का व्यापार.
दरअसल भारत के कई हिस्सों में मजदूर या गरीब वर्ग के बीच कम पैसों में कच्ची शराब पीने के लिए बेची जाती है.
जो अन्य शराबों के मुकाबले ज्यादा खतरनाक होती है और इससे व्यक्ति को गंभीर बिमारी होने का खतरा बना रहता है.
एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में अब तक कच्ची शराब के सेवन से हजारों लोगों की मौत हो चुकी है.