World No Tobacco Day : देश में 10 से 14 साल की उम्र के 6.25 लाख बच्चे रोज फूंकते है सिगरेट

World No Tobacco Day
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World No Tobacco Day : तंबाकु से दुनिया भर में हर साल जा रही 70 लाख लोगों की जान

World No Tobacco Day : तंबाकु का सेवन हमारे शरीर के लिए किस हद तक नुकसान पहुंचा सकता है इस बात से शायद आज पुरी दुनिया अच्छे से वाकिफ है.

मगर फिर भी लोग हैं कि इसे छोड़ने का नाम ही नहीं ले रहे, आज 10 साल के ऊपर के ज्यादातर बच्चे कम उम्र में ही इस मादक पदार्थ का आसानी से शिकार बनते जा रहे हैं, इसकी वजह कभी सोची है.
ग्लोबल टोबैको एटलस द्वारा किए गए अध्ययन के आकड़ें इस बात का खुलासा करते हैं कि अकेले भारत में ही 6.25 लाख बच्चे जिनकी उम्र 10 से 14 साल के बीच है रोज सिगरेट फूंकते है. इसके अलावा ना जाने कितने इसी उम्र के बच्चे कोई ना कोई मादक पर्दाथ का सेवन जरूर करते होंगे.
दरअसल अगर इन बच्चों की उम्र को देखते हुए बात की जाए तो कहीं ना कहीं ये सामने आता है कि ये सभी तंबाकु या किसी भी मादक पदार्थ के सेवन को एक फैशन मान बैठे हैं, जो आगे चलकर इनकी एक बड़ी लत बनती जा रही है.
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मगर यहां इन बच्चों को समझने की जरूरत है कि तंबाकु निर्मित उत्पादों के सेवन से न सिर्फ उनका व्यक्तिगत, शारीरिक और बौद्धिक नुकसान हो रहा है बल्कि समाज पर भी इसके दूरगामी दुष्परिणाम देखने को मिल रहे हैं.
अगर देश का भविष्य कहे जाने वाले ही इस कदर इन सब के चक्कर में पड़कर अपना जीवन बेकार करेंगे तो आगे चलकर कोई भी देश क्या कभी तरक्की कर सकता है.
पिछले महीने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक विश्व में तंबाकू के इस्तेमाल के कारण 70 लाख व्यक्तियों की प्रतिवर्ष मृत्यु हो जाती है जिनमें से 18 साल की उम्र से कम बच्चों की संख्या भी है.
अगर देखा जाए तो तंबाकु की समस्या का हल पूरी तरह से हमारी इच्छाशक्ति से जुड़ा हुआ है, चाहे वो किसी भी आयु वर्ग का क्यों ना हो.
बस इसके लिए जरूरी है कि तंबकु छोड़ने वाले व्यक्ति को किसी भी तरह यह एहसास हो जाए कि वो जो कर रहा है उसका अंत बहुत भयानक होने वाला है जो उसके साथ साथ पूरे परिवार के लिए भी बहुत घातक है.
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तंबाकु के सेवन से होते हैं कई रोग
तंबाकू से लगभग 25 तरह की शारीरिक बीमारियां और लगभग 40 तरह के कैंसर हो सकते हैं, जिनमें फैफड़े, हृदय रोग, सांस की तकलीफ, पैंरो में दर्द, समय से पहले बुढ़ापा, आंखे की रोशनी कम होना मुख्य रूप से शामिल हैं.
वहीं कैंसर के मामले में मुंह का कैंसर, गले का कैंसर, फेफड़े का कैंसर, प्रोस्टेट ग्रंथि का कैंसर, पेट का कैंसर और ब्रेन ट्यूमर आदि रोग आते हैं.
तंबाकू के कारण 45 लाख लोग प्रतिवर्ष हृदय रोग से पीड़ित होते हैं और 40 लाख लोग प्रतिवर्ष फेफड़े से संबंधित बीमारियों से ग्रस्त होते हैं.