दुनिया भर में मानव तस्करी ले चुका है ‘भयावह’ रुप, हर तीसरा पीड़ित एक बच्चा

UN Report On Human Trafficking
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UN Report On Human Trafficking : UN की ये रिपोर्ट 142 देशों से ली गई जानकारी पर आधारित है.

UN Report On Human Trafficking : मानव तस्करी, दुनिया का शायद ही कोई देश ऐसा बचा हो जो इंसानों के अधिकारों और आजादी के इस विनाशकारी षडयंत्र का हिस्सा ना बन रहा हो.

तेजी से फैलता इसका नेटरर्क इस बात का सबूत है कि अब पूरे विश्व में ये कितना भयावह रूप ले चुका है, जिसकी चपेट में अब छोटे छोटे बच्चे भी आने लगे हैं.
तमाम अंतराष्ट्रीय संगठनों ने कई बार इस बारे में अपनी रिपोर्ट तैयार कर दुनियाभर के सभी देशों को चेताया है, लेकिन अब तक पूरी तरह इसपे काबू पाने में कोई सफल नहीं हो पाया.
हाल ही में एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र ने अपनी नई रिपोर्ट में खुलासा किया है की  यूरोप के कई हिस्सों में भारत सहित कई दक्षिण एशियाई देशों के तस्करी पीड़ितों का पता चला है, जिसमें हर तीसरा पीड़ित एक बच्चा है.
बता दें की ये रिपोर्ट दुनियाभर में नशीली दवाओं और अपराध की निगरानी करने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूएन ऑफिस ऑन ड्रग्स एंड क्राइम (यूएनओडीसी) की ‘ग्लोबल रिपोर्ट ऑन ट्रैफिकिंग इन पर्सन्स 2018’ 142 देशों से ली गई जानकारी पर आधारित है.
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इस ग्लोबल रिपोर्ट ऑन ट्रैफिकिंग रिपोर्ट में विशेषज्ञों की मदद से तस्करी के तौर तरीकों की जांच-पड़ताल की गई है.
इसमें सामने आया है की तस्करी के शिकार हुए लोगों में 30 फीसदी बच्चे शामिल हैं, जिनमें लड़कियों की संख्या लड़कों की तुलना में कहीं अधिक है.
रिपोर्ट में कहा गया है की इन पीड़ितों को बांग्लादेश, भारत, और पाकिस्तान समेत अधिकांश दक्षिण एशियाई देशों से तस्करी कर लाया गया है.जिनमें नेपाल और श्रीलंका से भी कुछ हद तक लोग लाए गए हैं.
वहीं नॉर्डिक देशों, नीदरलैंड और ब्रिटेन में भी अफगानिस्तान से तस्करी कर लाए गए कई पीड़ितों का पता लगाया गया है.
रिपोर्ट में साफ कहा गया है की इन देशों से ही ज्यादातर लोगों को तस्करी कर दुनिया के बाकी हिस्सों में ले जाया जाता है.
आपको जानकार यहां और हैरानी होगी दुनिया भर के 40 से अधिक देशों में दक्षिण एशियाई तस्करी पीड़ितों का पता चला है जो की ये साफ संकेत देती यहां मानव तस्करी कितना भयावह रुप ले चुकी है.
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 मुंबई में महिलाओं का हाल
मुंबई से साल 2013 से लेकर 2017 तक करीब 26 हज़ार महिलाएं गायब हुई हैं और इनमें 5 हज़ार लड़कियां थीं जिनकी उम्र 18 से कम है.
सीएम ने बताया कि इसमें से 2 हज़ार महिलाओं का अभी तक ला पता हैं, बता दें हर साल यह आकड़ा बढ़ रहा है जो अपने आप में चिंता का विषय है.

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