जानें 2019 की देश की टॉप यूनिवर्सिटी और इंजीनियरिंग कॉलेजों के नाम

NIRF Ranking 2019
demo pic

NIRF Ranking 2019 : इलाहाबाद विश्वविद्यालय अब देश के टॉप-200 यूनिवर्सिटी से भी बाहर

NIRF Ranking 2019 : किसी भी देश में हायर एजुकेशन के लिए यूनिवर्सिटी/कॉलेज में दाखिला लेने से पहले विद्यार्थी के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि देश के अन्य कॉलेजों के बीच इसकी रैकिंग कितनी होगी.

इसी आधार पर अभिभावक या फिर छात्र अपने कॉलेज/ यूनिवर्सिटी का चयन करता है.
दरअसल वैसे तो कई सरकारी या गैर सरकारी संस्थान हर साल अपने स्तर पर देश के अंदर यूनिवर्सिटियों की एक रैंकिग जारी करते हैं, लेकिन इनमें से हाल में मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा जारी की जाने वाली रैंकिग सबसे मुख्य मानी जाती है.
बता दें कि इस साल भी मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) ने उच्च शिक्षण संस्थानों की राष्ट्रीय रैंकिंग (NIRF 2019 Rankings) जारी कर दी है.
पढ़ेंPadma Award List 2019 : राष्ट्रपति कोविंद ने प्रदान किए पद्म अवार्ड, देखें पूरी लिस्ट
देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने खुद नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क(NIRF) पर आधारित ये लिस्ट जारी की है.
आइए जानते हैं देश के टॉप 10 इंजीनियरिंग कॉलेज और यूनिवर्सिटियों के नाम
टॉप 9 इंजीनियरिंग कॉलेज

1) आईआईटी मद्रास
2) आईआईटी दिल्ली
3) आईआईटी बॉम्बे
4) आईआईटी खड़गपुर
5) आईआईटी कानपुर
6) आईआईटी रूड़की
7) आईआईटी गुवाहाटी
8) अन्ना यूनिवर्सिटी, चेन्नई
9) नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, तिरुचिरापल्ली

टॉप 10 यूनिवर्सिटी

1) इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बैंगलुरू
2) जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिट, नई दिल्ली
3) बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी, वाराणसी
4) अन्ना यूनिवर्सिटी, चैन्नई
5) यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद, हैदराबाद
6) जादवपुर यूनिवर्सिटी , कोलकाता
7) यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली, दिल्ली
8) अमृता विश्व विद्यापीठम, कोयंबटूर
9) सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी, पुणे
10) अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ़

जानकारी – पूरब का ऑक्सफोर्ड कहे जाने वाली 125 साल से भी पुरानी इलाहाबाद यूनिवर्सिटी को इस साल की रैंकिंग में देश भऱ की 200 यूनिवर्सिटी में भी स्थान नहीं मिला है.
पढ़ें 1 अप्रैल से कई नियमों में होने जा रहे बदलाव, जानें आप पर क्या पड़ेगा असर
क्या है NIRF
एचआरडी मंत्रालय ने देश के विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मैनेजमेन्ट और फार्मेसी संस्थानों की रैंकिंग के लिए यह संस्था बनाई है.
साल 2015 में सर्वप्रथम 29 सितंबर को तत्कालीन एचआरडी मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी ने इसे लांच किया था.गौरतलब है कि इससे पहले रैकिंग के लिए कोई सरकारी संस्था नहीं थी.