ISIS द्वारा रेप की शिकार नादिया और डॉक्टर डेनिस को मिला 2018 का नोबेल शांति पुरस्कार

Nobel Peace Prize 2018

Nobel Peace Prize 2018 : 2014 में ISIS ने नादिया जैसी कई याजिदी लड़कियों को बनाया था सेक्स स्लेव 

Nobel Peace Prize 2018 : आज शुक्रवार को नार्वे की राजधानी ओस्लो में नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा करी दी गई है.

इस साल पांच सदस्यों वाली कमेटी की ओर से डेनिस मुकवेगे और नादिया मुराद को नोबेल का शांति पुरस्कार दिया गया है.
बता दें कि इन दोनों को महिला यौन हिंसा के खिलाफ कई सालों से चलाए जा रहे इनकी मुहिम को देखते हुए ये शांति पुरस्कार दिया गया है.
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ISIS की सेक्स स्लेव रह चुकी हैं नादिया 
नादिया उत्तरी इराक के सिंजर इलाके की रहने वाली हैं जिसकी सीमा सीरिया से सटी हुई है.
गौरतलब है कि कुछ साल पहले तक हम सब की तरह नादिया भी अपने घर में परिवार के साथ खुशी की जिंदगी जी रही थी, मगर तभी अचानक साल 2014 में इराक पर ISIS का कब्जा शुरू हो गया जिसके जुल्मों का शिकार नादिया को भी होना पड़ा
नादिया बताती हैं कि उनकी गिरफ्त में रहने के दौरान उनके साथ वो सब हुआ जो किसी भी मानव समाज के लिए एक गहरा घाव था.
संयुक्त राष्ट्र में दिसंबर 2015 को नादिया अपनी उन दिनों की पीड़ा के बारे में बताती हैं कि कैसे अगस्‍त 2014 को आईएसआईएस के आतंकियों ने उनके और 150 याजिदी परिवारों को अगवा कर लिया.
नादिया ने कहा कि अगवा किए गए लोगों में लड़किया भी शामिल थी जिन्हें इराक के शहर मोसूल ले जाकर सेक्स स्लेव बना दिया गया.
उन्होंने बताया कि वो लोग धर्म के नाम पर हमारा रोज रेप करते थे और एक सामान की तरह हम लोगों को आपस में बदलते रहते .
नादिया के मुताबिक कई लड़कियों ने तो उनके जुल्म से बचने के लिए छत से कूद कर जान तक दें दी. लेकिन नादिया इन हालातो से और मजबूत हो गई फिर एक दिन मौका मिलते ही वो वहां से भाग निकली.
वहां से भागने के बाद नादिया ने तमाम देशों में अपील करी की वो ISIS का खात्मा करें. इसी के साथ वो अब दुनिया भर में महिलाओं को यौन हिंसा के खिलाफ जागरूक करने का काम कर रही हैं.
वहीं दूसरे नोबेल विजेता अफ्रीकी द्वीप कॉन्गो के रहने वाले डॉक्टर मुकवेगे पेशे से स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं और वह भी यौन हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए लंबे समय से अपने क्षेत्र में काम कर रहे हैं.
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300 से ज्यादा नामों में से हुआ चयन
गौरतलब है कि इस साल शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए कुल 331 (216 लोगों और 115 संगठनों) का नाम मुकाबले में शामिल था जिसमें से इन दोनों के नाम को फाइनल किया गया.
जानकारी के लिए बता दें कि अब तक 98 नोबेल शांति पुरस्कार दिए जा चुके हैं. जिसमें 104 लोग और 27 संगठन शामिल है.