जानिए “तितली” तूफ़ान का ताजा अपडेट ? पाकिस्तान से है ये कनेक्शन

Titli Cyclone Live Updates

Titli Cyclone Live Updates : ओडिशा के गोपालपुर में चली तेज हवाएं पेडों के गिरने की भी आई खबरें 

Titli Cyclone Live Updates : केरल की बाढ़ के बाद भारत में शान्ति का आलम शुरू ही हुआ था कि एक बड़े तूफ़ान ने इसको भंग कर दिया है.

इस तूफ़ान की गति को देखते हुए ओडिसा-आंध्रप्रदेश में सामन्य जिंदगी थम सी गयी है, सभी कॉलेज और दफ्तर बंद करने के आदेश दे दिए गए हैं.
बंगाल की खाड़ी से उठा तितली नाम का ये चक्रवात उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में पहुंच चुका है
 मौसम विभाग के अनुसार इस तूफ़ान के कारण 145 किलोमीटर/घंटा तक की हवाएं चल सकती हैं, इस कारण राज्य के समुद्री सीमा से सटे इलाकों में 12 घंटे का अलर्ट जारी किया गया है.
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक इस चक्रवात के कारण ओडिशा के गोपालपुर में भारी बारिश और तेज हवाएं चल रही है, जिस कारण कई इलाकों में बिजली के पोल और पेड़ गिरने की भी खबरें हैं.
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सरकार ने उठाये हैं तूफ़ान का सामना करने के लिए ये कदम 
आंध्रप्रदेश और ओडिसा की सरकार ने इस तूफ़ान से निपटने के लिए सबसे पहले तो निचले इलाके खाली करा दिए हैं. अकेले ओडिशा में 3 लाख से ज्यादा लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है.
इसके अलाावा पहले से ही राज्यों की सरकारों ने NDRF की टीम तैनात की है और हाई अलर्ट जारी कर दिया है.
बता दें एनडीआरएफ की 14 टीमों को ओडिशा के बालासोर, संभलपुर, गजापति, नायागढ़, पुरी, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, गंजम और भुवनेश्वर में तैनात किया गया है.
वहीं चार टीमों को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम, श्रीकाकुलम और विजयनगरम में तैनात किया गया है.

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मौसम विभाग का क्या कहना है इस तूफ़ान को लेकर ? 
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण यह तूफ़ान आ रहा है, इसकी रफ़्तार 10 किलोमीटर प्रतिघंटा है जो आगे और बढ़ सकती है.
 विभाग ने चेताया है कि तूफ़ान ऐसे ही बढ़ता रहा तो 165 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ़्तार से तूफ़ानी हवाएं चल सकती हैं.
जानिये तितली तूफ़ान को नाम किसने दिया 
आपने कई बार देखा होगा कि इन तूफानों के नाम बड़े ख़ास होते हैं. जैसे, तितली, लैला, हुदहुद आदि.
यहां आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्यों ? दरअसल 1953 से ही तूफानों के नाम रखने की प्रथा चलती आ रही है लेकिन भारत 2004 में सबसे पहली बार किसी तूफ़ान को नाम दिया था.
आपको जानकार हैरानी होगी कि इस समय बंगाल की खाड़ी से उठे तितली तूफ़ान को नाम पाकिस्तान ने दिया है, बता दें मेकुनु तूफ़ान का नाम भी पाकिस्तान ने रखा है.
लहर, मेघ, सागर और वायु  4 ऐसे तूफ़ान हैं जिनका नाम भारत ने दिया है. बता दें तूफानों को नाम देने का कारण यह है कि इन नामों  ज़रिये आम लोग और वैज्ञानिक यह जान सकें कि कौन-सा तूफ़ान आने वाला है और कितना खतरनाक है.
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तितली तूफ़ान से क्या है सबसे बड़ा खतरा ? 
दरअसल, तूफ़ान के आने से सबसे बड़ा डर यह है कि समुद्री लहरों के उथल-पुथल होने के कारण बाढ़ आने का भी खतरा है.
इतना ही नहीं ओडिशा के गोपालपुर और आंध्र प्रदेश के कलिंगापत्तनम  के आस-पास भूसंख्लन होने की भी संभानाएं हैं.
ओडिसा के सीएम ने दिया ये बयान 
तूफ़ान की तैयारिओं को लेकर ओडिसा के सीएम का कहना है कि  ‘कम-से-कम नुकसान के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. राज्य सरकार स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं.
एहतियात के तौर पर इसकी जद में आने वाले सभी स्कूल-कॉलेज को आज और कल के लिए बंद कर दिया गया है.साथ ही रेलवे प्रशासन ने कुछ ट्रेनों को कैंसल या रूट डायर्वट करने का फैसला किया है.
सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है, अगर ज़रूरत हुई तो और लोगों को भी सुरक्षित स्थान पर ले जाया जायेगा.
फिलहाल, हम आशा करते हैं कि  इस तूफ़ान से ज़्यादा नुकसान ना हो और ओडिसा व आंध्र प्रदेश में जल्द सब सामन्य हो जाये.