महिलाओं की जीन्स की जेब पुरुषों की जेब से छोटी क्यों? यहाँ जानिए जवाब

Women Jeans Pocket Size

Women Jeans Pocket Size : पॉकेट को लेकर सोशल मीडिया पर #WeWantPockets जैसे हैशटेग के जरिए मुहिम भी चलाई जा चुकी है.

Women Jeans Pocket Size : जीन्स तो आजकल औरतें, पुरुष, बच्चे या यूं कहे कि पहनावे में सभी वर्ग के लोगों के लिए ये सबसे पसंदीदा है.

लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि एक स्मार्टफोन जो पुरुषों की जेब में आसानी से समा जाता है वो महिलाओं की जीन्स की जेब में रखने से बाहर की तरफ झांकता हुआ क्यों नज़र आता है? नहीं ना? कोई नहीं आज इसी रहस्य से हम आपके लिए पर्दा उठाने जा रहे हैं.
दरअसल आपको जानकर हैरानी होगी कि एक शोध में ऐसा पाया गया है कि महिलाओं की जीन्स की जेब पुरुषों की जीन्स की जेब से लगभग 48 फीसदी तक छोटी होती है. सिर्फ इतना ही नहीं छोटी होने के साथ ही साथ ये 6.5 फीसदी संकरी भी होती है.
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यानि कि महिलाओं की जीन्स की जेब में कई बार तो ज़रूरत का कुछ सामान जैसे पेन, फोन, या बटुआ भी नहीं आ सकता.
पुरुषों की जीन्स में आप दो फोन आराम से जीन्स की सामने वाली जेब में डाल सकते हैं और बटुआ पीछे वाली जेब में. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर महिलाओं को ऐसी सहूलियत से वांछित क्यों रखा गया है? आखिर क्यों उन्हें छोटे-मोटे सामान को लेकर चलने के लिए भी एक बैग पर आश्रित होना पड़ता है?
जीन्स की जेब पर की गयी इस शोध में पाया गया है कि पुरुषों की जीन्स की जेब की लम्बाई तकरीबन 9.1 इंच और चौड़ाई तकरीबन 6.4 इंच की होती है जबकि महिलाओं के केस में उनकी जीन्स की जेब की लंबाई 5.6 और चौड़ाई 6 इंच होती है.
इसका मतलब यह इतनी छोटी होती है कि पुरुषों की तरह महिलाएं अपनी जीन्स की जेब में हाथ भी नहीं डाल सकतीं.

Women Jeans Pocket Size

छोटी जेब होने का ये  है कारण 
महिलाओं और पुरुषों की जीन्स की जेब में साफ़ तौर पर दिखाई देने वाले इस अंतर के बारे में BBC हिंदी ने जीन्स बनाने वाले लोगों से पूछा गया तो उन्होंने इसका अजीब तर्क दिया
कई ब्रॉंड्स के डिजाइनर ने कहा कि आमतौर पर देखा जाए तो बहुत कम ब्रांड्स और डिज़ाइनर लड़कियों के कपड़ों में पॉकेट देते हैं क्योंकि उन्हें ये लगता है कि महिलाएं अपने फ़िगर को लेकर ज़्यादा चिंता करती हैं.
अगर वो ट्राउज़र्स में ज़्यादा पॉकेट देंगे तो उनका वेस्ट एरिया (कमर के आसपास का हिस्सा) ज़्यादा बड़ा लगेगा और महिलाएं इसे पसंद नहीं करेंगी.
हालाँकि इस बारे में जब जीन्स पहनने वाली महिलाओं से बात की गयी तो उन्होंने सिरे से इस तर्क को नकार दिया.
महिलाओं का मानना था कि, “हाँ ये बात सच है कि हमें फैशन बहुत पसंद है और इसलिए हम हर वक़्त अपने फिगर का ध्यान रखते हैं लेकिन ऐसा कहना कि हम हर वक़्त सिर्फ फिगर का ध्यान रखते हैं ये गलत है.
जीन्स हम अपनी सहूलियत के लिए पहनते हैं और ऐसे में जब उसमें से जेब गायब हो या हद से ज्यादा छोटी हो तो उसका पूरा मकसद ही ख़राब हो जाता है.
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पॉकेट को लेकर छेड़ दी गयी है मुहीम
जी हाँ, महिलाओं की जीन्स में मौजूद जेब को लेकर महिलाओं का एक तबका आवाज़ तक उठा चुका है. जानकारी के लिए बता दें कि सोशल मीडिया पर #WeWantPockets जैसे हैशटेग के जरिए मुहिम भी चलाई जा चुकी है.
इसमें महिलाएं छोटी पॉकेट की समस्या और पॉकेट को लेकर हो रहे भेदभाव पर चर्चा करती रही हैं.
Women Jeans Pocket Size
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कैसे ख़त्म हुई जीन्स में पॉकेट की प्रथा
इसकी कहानी थोड़ी दिलचस्प है. दरअसल माना जाता है कि एक समय ऐसा था जब महिलाएं पैसों और अन्य ज़रूरतों के लिए पूरी तरह से अपने पति पर निर्भर हुआ करती थीं.
उस समय ज़्यादातर पुरुष ही बाहर के काम संभालते थे. तब महिलाओं के लिए पॉकेट ज़रूरी नहीं समझी जाती थी. फिर समय आया द्वितीय विश्व युद्ध का जब अधिकतर पुरुष युद्ध के लिए चले गए.
उस दौरान महिलाओं पर ज़िम्मेदारी आ गयी. पुरुषों की गैर मौजूदगी में महिलाएं ही घर और बाहर का काम सँभालने लगी.
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तब महिलाओं को ट्राउज़र्स पहनने के लिए प्रोत्साहित किया गया ताकि बाहर के कामों में वो पॉकेट्स इस्तेमाल कर सकें लेकिन विश्वयुद्ध के बाद पुरुष घर आ गए और भूमिकाएं पहले की तरह बंट गईं.
लेकिन तब तक ज़्यादा ख़ूबसूरत और फिगर में दिखने के लिए महिलाओं के लिए टाइट फिटिंग कपड़ों का चलन शुरू हो गया और पॉकेट धीरे-धीरे उनके पोशक से गायब हो गई.

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