भारत में कोराबार हुआ आसान, विश्व बैंक ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ रैकिंग 100 से हुई 77वीं

World Bank Ease Of Doing Business India Ranking 2018

World Bank Ease Of Doing Business India Ranking 2018 : मोदी सरकार बनने के बाद लगातार सुधरी रैंकिंग

World Bank Ease Of Doing Business India Ranking 2018 : सरदार पटेल की जयंती पर मोदी सरकार को विश्व बैंक की तरफ से बड़ी खुशखबरी हाथ लगी है.

दरअसल विश्व बैंक की तरफ से बुधवार को जारी हुई ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ रैंकिंग में भारत ने लंबी छलांग लगा दी है.
पिछले साल जहां भारत को इसमें 100वां स्थान दिया गया था वहीं अब ये 23 अंकों की छलांग लगाकर इस 190 देशों की इस रैंकिंग में 77वें नंबर पर पहुंच गया है.
बता दें कि इस रैकिंग का सीधा असर भारत में होने वाले बिजनेस पर पड़ेगा यानी की अब हमारे देश में कारोबार करना पहले के मुकाबले और आसान और सुगम हो जाएगा.
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क्या है ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैकिंग
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स को विश्व बैंक जारी करता है.इसमें दुनिया के सभी देशों में हो रहे कारोबार सुगमता के आधार पर उसे रैंकिंग दी जाती है.
इसके लिए विश्व बैंक अलग अलग मापदंड तय करता और सभी को मिलाकर आखिर में एक फाइनल रिपोर्ट तैयार होती है जिसके आधार पर देशों की रैंक तय होती है.
इसमें ये देखा जाता कि किसी देश में कारोबार करने में कितनी आसानी है या किस प्रकार की वहां अड़चने आ रही हैं.
इनमें प्रमुख हैं-कंस्ट्रक्शन परमिट, रजिस्ट्रेशन, लोन और टैक्स पेमेंट की मशीनरी आदी का प्रयोग रहता है.
मोदी सरकार बनने के बाद लगातार सुधरी रैंकिग
आपको बता दें कि 2014 में जब प्रधानमंत्री मोदी ने सत्ता संभाली तो उस समय भारत की ईज ऑफ डूइंग में 142 रैकिंग थी . लेकिन इसके बाद लगातार सुधार करते हुए 2016 में 130, 2017 में 100 और अब 2018 में ये 23 अंक ऊपर चढ़ते हुए 77वें स्थान पर आ गया है.
सबके खास बात यह रही कि जिस नोटबंदी और जीएसटी की विफलता का विपक्ष जोर जार कर ढोल पीट रहा था उसका नकारात्मक नहीं बल्कि सकारात्मकअसर कारोबार की दृष्टि से भारत में देखने को मिला है.
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 किन क्षेत्रों में हुआ सुधार
वित्त मंत्री अरूण जेटली ने इस रैकिंग के आने के बाद कहा कि भारत ने तकरीबन हर क्षेत्र में कारोबार करने में सफलता पाई है.
उन्होंने कहा कि कंस्ट्रक्शन परमिट के क्षेत्र में 129 अंकों का सुधार हुआ है, जबकि ‘ट्रेडिंग अक्रॉस बॉर्डर्स’ में 66 अंक, ‘स्टार्टिंग अ बिजनेस’ में 19 अंक, ‘गेटिंग क्रेडिट’ में 7 समेत अन्य सभी क्षेत्र में कुछ ना कुछ सुधार हुआ है.
हालंकि वित्त मंत्री ने सरकार का इस मामले में आगे का गोल बताते हुए कहा कि हमारी कोशिश है कि हम इस इंडेक्स में 50 पायदान के अंदर आ जाएं.