इस लोकसभा चुनाव में खर्च होंगे 50 हजार करोड़ रुपए, बनेगा दुनिया का सबसे महंगा इलेक्शन

World's Most Expensive Election 2019
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World’s Most Expensive Election 2019 : 2014 के मुकाबले 40 फीसदी बढ़ा खर्च

World’s Most Expensive Election 2019 : देश में लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है, विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के इन आम चुनावों को दुनिया का सबसे महंगा चुनाव माना जा रहा है.

बता दें कि 11 अप्रैल से शुरू होने वाले लोकसभा चुनाव 19 मई यानी कि पूरे 6 हफ़्तों तक चलने वाले हैं,और फिर 23 मई को इन चुनावों के नतीजे सामने आयेंगे.
आपको शायद जानकर यकीन ना हो लेकिन नई दिल्ली स्थित सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज (CMS) के अनुसार बताया गया है कि इस बार चुनाव में तकरीबन 500 अरब रुपए खर्च होने की उम्मीद हैं.
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40 फीसदी से भी ज्यादा बढ़ा है खर्चा
CMS के इन आंकड़ों पर गौर किया जाये तो यह खर्च साल 2014 में हुए संसदीय चुनावों के दौरान हुए खर्चे से 40 फीसदी ज्यादा है.
सिर्फ इतना ही नहीं एक ऐसे देश में जहां 60 फीसदी आबादी 3 डॉलर प्रतिदिन पर अपना जीवन बिताती है वहां यह खर्च प्रति वोटर तकरीबन 8 डॉलर बैठता है.
CMS के चेयरमैन एन. भास्कर राव ने इस बारे में बात करते हुए कहा है कि, “चुनावी खर्चों में ज्यादातर बढ़ोतरी सोशल मीडिया के इस्तेमाल, यात्रा और विज्ञापन पर होना है”
सोशल मीडिया खर्चों में हुई है बढ़ोतरी
एन. भास्कर राव ने आगे कहा कि, “साल 2014 की तुलना में सोशल मीडिया पर खर्च में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
पिछली बार के 2.5 अरब रुपये के खर्च से बढ़कर इस बार सोशल मीडिया पर खर्च 50 अरब रुपये हो सकता है.
एक अनुमान के मुताबिक इस बार हेलिकॉप्टरों, बसों और उम्मीदवारों व पार्टी वर्करों की यात्राओं के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले साधनों में काफी बढ़ोतरी होने के आसार हैं.
भारत में होने वाले चुनावों की अच्छी जानकारी रखने वाले कोलंबिया यूनिवर्सिटी के लेक्चरर साइमन चाचर्ड से जब इस बारे में बात की गयी तो उन्होंने कहा कि, “इस बारे में स्पेसिफ़िक डेटा मिलना तो काफी मुश्किल है लेकिन सामान्य रूप से खर्चे बढ़ गए हैं क्योंकि चुनाव क्षेत्र बढ़ा है और उम्मीदवारों की तादाद भी काफी बढ़ गयी है.”
आज के समय में भारतीय राजनेता ऐसा मानने लगे हैं कि उन्हें चुनावों में नई चीजें, दिलचस्प चीजें, बड़ी चीजें और जोरदार चीजें करनी होंगी ताकि वो जनता को अपनी तरफ लुभा सकें.
चाचर्ड ने कहा, “यहाँ ये भी बात समझने वाली है कि चुनाव में केवल उम्मीदवार ही पैसे खर्च नहीं करते हैं बल्कि कई तरह की चीजें बेचने वाले वेंडर्स भी चुनाव प्रचार में इस्तेमाल होने वाली चीजें बाजार में उतारते रहते हैं.”
World's Most Expensive Election 2019
यहाँ समझिये चुनाव में कहाँ किया जाता है खर्चा?
गिफ्ट
माना जा रहा है कि 543 सीटों के लिए होने वाले इस चुनाव में कम से कम 8,000 से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में उतर सकते हैं.
एक सर्वे के अनुसार ये बात सामने आई है कि ज्यादातर भारतीय नेताओं का कहना है कि उनके साथ के लोग कैश, शराब और दूसरे निजी सामानों के गिफ्ट से दबाव महसूस करते हैं.
इस बारे में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया के सहायक प्रफेसर जेनिफर बशेल बताते हैं कि एक सर्वे के अनुसार ये बात भी सामने आई है कि कुछ इलाकों में तो ब्लेंडर्स, टीवी सेट्स और कभी कभार बकरियों को गिफ्ट के तौर पर बांटा जाता है.
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जानकारी
फरवरी में केवल फेसबुक पर राजनीतिक विज्ञापनों पर 4 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए.
इसके अलावा भारत के बजट में इस वित्त वर्ष में चुनाव आयोग के लिए 2.62 अरब रुपये आवंटित किए गए हैं, जो रेकॉर्ड है.
खाना-पानी
भारतीय नेता चुनाव के दौरान जनता को लुभाने के लिए जबरदस्त रैलियां करना चाहते हैं. ऐसे में वो बड़े-बड़े टेंटों में लोगों को जुटाते हैं.
कई बार ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटाने के लिए कुछ नेता खाने का डिब्बा भी देते हैं जिसमें बिरयानी और चिकन करी परोसी जाती है जो काफी खर्चीली साबित होती है.
डमी कैंडिडेट्स
चुनाव आयोग डमी कैंडिडेट्स को लेकर पहले ही आगाह कर चुका है. दरअसल, मजबूत उम्मीदवार के नाम के लोगों को चुनाव में खड़ा कर पार्टियां जनता को भ्रम में डालकर वोट काटने की रणनीति अपनाती हैं.
माना जाता है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़ी आबादी वाले राज्य में इस तरह की ट्रिक काफी असरदार साबित होती है.
उदाहरण के तौर पर, 2014 के चुनाव में अभिनेत्री हेमा मालिनी के खिलाफ दो और हेमा मालिनी खड़ी हो गईं थीं.
यहाँ ये जानना बेहद ज़रूरी है कि डमी कैंडीडेट्स खड़े करने में काफी पैसा खर्च होता है एक रिपोर्ट के मुताबिक इसमें करोड़ों रुपये खर्च हो जाते हैं.