चेन्नई में जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए सरकारी अधिकारियों ने NGO को दिया सैलरी का बड़ा हिस्सा

Official Donate Money To Ngo

 Official Donate Money To Ngo : पार्टियों में बर्बाद हो रहे खाने को एकत्र कर भूखों तक पहुंचाने के लिए दिया दान

Official Donate Money To Ngo : चेन्नई की जनता द्वारा भोजन के अपव्यय को रोकने के लिए सरकारी अधिकारीयों ने मिलकर एक नई पहल की शुरूआत की है.

इस कोशिश को शुरू करने के पीछे का मुख्य उद्देश्य राज्य में हर भूखे इंसान तक खाना उपलब्ध कराना है.
इस पहल में इन अधिकारियों को एनजीओ का भी साथ मिला हुआ है जिसका साझा उद्देश्य संपन्न लोगों द्वारा खाने की बर्बादी को रोकना और उनके बचे हुए खाने को जरुरचमंदो तक पहुंचाया जाना है.
खाने की बर्बादी रोकना मुख्य उद्देश्य
भोजन के जाया होने को रोकने के प्रयास में राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा इस पहल की शुरूआत की गई है.
इसके लिए अधिकारियों ने अपनी सैलरी के कुछ हिस्से का योग्यदान देकर दो वाहन खरीदें हैं जो अतिरिक्त भोजन एकत्र करके उसे चेन्नई में जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने में उपयोगी रहेगा.
बता दें कि इन दोनो वाहनों को कोयंबटूर के एक एनजीओ को दान दिया गया है जो खुद भी चेन्नई में इस तरह से होने वाले खाने की बर्बादी को रोकने का काम करते हैं.
तमिलनाडु की खाद्य सुरक्षा आयुक्त पी अमुधा ने इस कोशिश में अपना योगदान देते हुए एनीजीओ को यह वाहन शुक्रवार को दान दिया.
यह भी पढ़ें – Chennai Community Fridge: ईसा फातिमा का ये फ्रिज गरीबों को मुफ्त दे रहा खाना और कपड़ा
खाने की गुणवत्ता को नहीं किया जाएगा नजरअंदाज
कोयंबटूर में तीन युवाओं ने मिलकर एक हॉटलाइन खोली है जो खाने का दान करते हैं. यह लोग विवाह, भोज औऱ बाकी जगहों से खाना लेकर जरुरतमंदो तक पहुचाते हैं.
फिलहाल अभी तक इस संगठन ने 45,1039 लोगों तक खाना पहुंचाया है और 1.34 लाख किलोग्राम भोजन खराब होने से बचाया भी है.
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि हालांकि सर्विस को पूरी तरह एनजीओ द्वारा ही चलाई जाएंगी लेकिन राज्य इसे तकनीकी सहायता प्रदान करता रहेगा.
इस बारे में एक खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि हम भोजन की गुणवत्ता का परीक्षण लगातार करते रहेंगे और खाने के रख रखाव में उन्हें मार्गदर्शन प्रदान करेंगे.
वहीं राज्य स्वास्थ्य मंत्री सी विजया बस्कर ने शुक्रवार को एक मोबाइल फूड लैब को भी लॉन्च किया जो विभिन्न इलाकों में बांटे गए खाने की गुणवत्ता को जांचने का काम करेगी.
यह भी पढ़ें – कन्नड़ स्कूल को बचाने के लिए मां बेटी तय करती हैं रोजाना 60 किलोमीटर की दूरी
खाद्य व्यापार ऑपरेटरों के लिए बैनरों
गौरतलब है खाद्य सुरक्षा विभाग ने रेस्ट्रां, खुदरा विक्रेताओं, और फलों और सब्जी विक्रेताओं के लिए तीन अलग अलग तरह के बैनर तैयार किए गए हैं. जिसमें भोजन को तैयार करने और पकाने के लिए स्वच्छता से जुड़ी चीजें लिखी है.
हालांकि अभी तक हमने ज्यादातर सरकारी अधिकारियों के घोटाले और घूस लेने की ही खबरे पढ़ी होंगी मगर तमिलनाडु के अधिकारी जिस तरह गरीबों के पेट भरने के बारे में सोच रहे हैं वो वाकई् अन्य सरकारी अधिकारियों के लिए एक उदाहरण हो सकती है.