महिलाओं की तस्करी का प्रमुख कारण है ‘बाल विवाह’- एनजीओ

बाल विवाह
फोटो साभार- द हिंदू
भारत में आज भी महिलाओं के प्रति रुढ़िवादी सोच देश की तरक्की में एक बहुत बड़ा रोड़ा बनी हुई है. तभी तो तमाम कोशिशों के बाद भी आज तक हम अपने देश में बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर रोक नहीं लग पाए.
 हालांकि कानूनी तौर पर तो बाल विवाह पर रोक लगी हुई है, लेकिन इसके अमल की सच्चाई आपको छोटे गांव और कस्बों में जाकर पता चल जाएगी. शहर के एसी कमरों में बैठकर हम इसका अंदाजा नहीं लगा सकते.
आपको बता दें कि हमारे देश में महिलाओं के प्रति होने वाले दुर्व्यवहार ने अब और खतरनाक तरीका अपना लिया है. जिसमें महिलाओं का बाल विवाह कर उन्हें देह व्यापार के धंधे में जबरन धकेला जा रहा है.
क्या कहते हैं आंकड़े?
राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार तेलंगाना देश भर में मानव तस्करी के मामलों में चौथे स्थान पर है. यहां कम उम्र में ही लड़कियों की शादी कर दी जाती है.
जिसके बाद इन लड़कियों को थोड़े समय के भीतर ही पति द्वारा छोड़ दिया जाता है या उन्हें बेच दिया जाता है.
ऐसा करने के लिए शादी से पहले इन लड़कियों को कई तरह की लालच भी दी जाती है. मगर बाद में इनके ही पति द्वारा इन्हें देह व्यापार करने के लिए दलालों को बेच दिया जाता है.
एनजीओ प्लान इंडिया के अनुसार 30.55 प्रतिशत से अधिक लड़कियों को पढ़ाई पूरी किए बगैर ही स्कूल छोड़वा दिया जाता है. जिसकी वजह से लड़कियों के जबरन बाल विवाह करने के मामले में तेजी आ रही है
डीएलएचएस के द्वारा 2012-13 में किए गए एक सर्वे के मुताबिक तेलंगाना में 34.7 महिलाओं की शादी कानूनी और मेडिकल उम्र से पहले ही कर दी गई है.
जिलों की बात करें तो खम्मम जिले में 32.7 प्रतिशत, नलगोंडा जिले में, 30.2 फीसदी, रंगा रेड्डी में 28% लड़कियों की शादी उनके बालिग होने से पहले ही कर दी जा रही है.
एक और सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार, कक्षा 1 और कक्षा 10 के बीच लड़कियों के स्कूल छोड़ने की दर महबूबनगर में सबसे ज्यादा है. वहां यह दर 50.4 प्रतिशत है.
रंगा रेड्डी जिले में यह प्रतिशत 50.02 है, इसके बाद मेडक जिला हैं जहां 42.57% लड़कियों ने स्कूल छोडा है.
एनजीओ ‘महिता’ की कोशिश
हाल ही में, ‘महिता‘ एक गैर सरकारी संगठन ने प्लान इंडिया के साथ मिलकर एक प्रेस कॉफ्रेंस की जिसमें महिता की सदस्य अमोगा लक्ष्मी ने शहर में महिलाओं के साथ हो रहे शोषणों के बारे में जानकारी दी.
उन्होंने तेलंगाना में मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि उनका संगठन चार महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. जिसमें महिलाओं के बाल विवाह, बाल तस्करी, माध्यमिक शिक्षा और रोजगार प्रमुख हैं.
उन्होंने कहा कि हम यह लगातार देख रहे हैं कि बहुत सी लड़कियां पढ़ाई के बीच ही में स्कूल छोड़ दे रही हैं. जिसकी वजह से उन्हें खुद पर बोझ समझकर उनके मां बाप उनकी शादी करा देते हैं.
अमोगा ने कहा कि उनके संगठन की यह कोशिश हैं कि लड़कियों को और शिक्षित करें ताकि वह अपने पैर पर खड़ी हो सके और अपने मां-बाप,पति या समाज पर बोझ ना बनें.
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