बुलंदशहर में पुलिस और आम-जन के बीच हुए खूनी संघर्ष का ज़िम्मेदार कौन ?

Bulandshahr Mob Violence Update
PC - ANI

Bulandshahr Mob Violence Update : बुलंदशहर में भारी पुलिस बल तैनात की है, योगी जी ने स्पेशल टीमों को भी बुलंदशहर भेजने का फैसला लिया है.

Bulandshahr Mob Violence Update : एक बार फिर अपने देश में धर्म के नाम पर कुछ ऐसा हुआ जो हमारे भारतीय समाज की एकता को कटघरे में खड़ा कर रहा है.

इस घटना के बारे में जिसको भी पता चल रहा है उसके होश फाख्ता हो रहे हैं. जी.. हम बात कर रहे हैं यूपी के बुलंदशहर में हुई उस हिंसा की जिसके चलते एक पुलिस इंस्पेक्टर को अपनी जान गवानी पड़ी.
क्या है इस संघर्ष की जड़
दरअसल, बुलन्दशहर में मुस्लिम सम्प्रदाय का एक कार्यक्रम चल रहा था, इसमें शरीक होने करीब 15 लाख मुसलमान बुलंदशहर आये हुए थे.
3 दिन तक चले इस कार्यक्रम के आखिरी दिन तक बड़े ही शांतिपूर्ण रूप से सब सही चल रहा था कि अचानक कुछ ऐसा हुआ जिसने सबकी सांसे रोक दीं.
बुलंदशहर से सटे स्याना में सुबह जब गाँव वाले उठे तो उन्होंने अपने खेतों में गाय के अवशेष पाए जिससे वह बुरी तरह आक्रोशित हो गए. होते भी कैसे नहीं, हिन्दू धर्म में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है और ऐसे में गौ हत्या किसी भी हिन्दू का खून गर्म कर देती है.
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…गौ मांस मिलने के बाद आक्रोशित गांव वालों ने पहले पुलिस को खेत में बुलाया लेकिन जब बात नहीं बनी तो गाँव वाले ट्रेक्टर-ट्राली में सवार होकर गाय के अवशेष के साथ पुलिस चौकी रवाना हुए.
चौकी पर पहुँचने के बाद जमकर हंगामा हुआ और पुलिस ने लोगों को रोकने की जी तोड़ कोशिश की लेकिन मामला काबू में नहीं आ रहा था, इधर मुल्सिम समुदाय के लोग अपने कार्यक्रम से निकलकर जा रहे थे कि रास्ते में गाँव वाले के कारण जाम में फंस गए.

Bulandshahr Mob Violence Update

यहां से शुरू हुआ खूनी खेल
कोतवाल सुबोध कुमार बहुत देर से भीड़ शांत कर रहे थे कि अचानक मामला बिगड़ गया और गांववालों पर पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया. इसके बाद जब लाठीचार्ज हुआ तो गांववालों ने भी पत्थर उठा लिए और पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया.
ऐसे में कोतवाल सुबोध कुमार के ड्राइवर ने जीप को खेतों से निकालना चाहा लेकिन इसी बीच किसी की बंदूक द्वारा चलाई गई एक गोली सुबोध की आँख के पास आकर लगी जिससे उनकी मौत हो गयी.
उधर पुलिस की गोलियों से एक युवक को भी अपनी जान गवानी पड़ी और कई लोग बुरी तरह घायल हो गए.
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क्या मोब लिंचिंग का है मामला ? 
जी, हाँ यह भी एक प्रकार की आधुनिक मोब लिंचिंग है.. वही मोब लिंचिंग जिसमें दादरी का अखलाख मारा गया फिर एक डॉक्टर को शक के आधार पर मार दिया.
मोब लिंचिंग का मतलब है जब भीड़ अपने हाथ में कानून लेले और आरोपी या फिर  किसी ऐसे ही शख्स को पीट-पीटकर मार डाले.
स्याना में हुई हिंसा भी एक प्रकार की मोब लिंचिंग है क्योंकि ग्रामीणों ने कानून को अपने हाथ में ले लिया था और बन्दूक व पत्थरों को मदद से दो लोगों को  मौत की नींद सुला दिया.

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 सीएम योगी ने दिए जांच के आदेश 
हमेशा की तरह सरकार ने कुछ न कर पाने के बाद जांच के आदेश दिए हैं और बुलंदशहर में भारी पुलिस बल तैनात की है, योगी जी ने स्पेशल टीमों को भी बुलंदशहर भेजने का फैसला लिया है.
इसके अलावा सीएम ने मृतक पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की पत्नी को 40 लाख व घर के अभिभावक को 10 लाख रुपए देने का ऐलान किया है. साथ ही इंस्पेक्टर के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की भी घोषणा करी है.
बता दें कि इंस्पेक्टर सुबोध अखलाक लिचिंग केस के भी इन्वेस्टिगेटिंग अफसर थे.
इस घटना का ज़िम्मेदार कौन ? 
“वो जिसने गौ को काटा”,  “वो जिसने गौ के कटे हुए सर खेत में डाले” या वो जिसकी गौ हत्या में प्लानिंग थी ? क्योंकि मामला गाय से जुड़ा था तो हिन्दुओं की आस्था से सीधे तौर से जुड़ गया था.
ऐसे में गाँव वालों का आक्रोशित होना जायस था लेकिन हाँ, आक्रोश में किसी की  हत्या करना बेहद गलत है.
फिलहाल, क्योंकि इस हिंसा में एक पुलिसवाले की मौत हुई है तो मामला उन लोगों पर चलेगा जो इस हिंसा में शामिल थे. शायद बाद में अगर समय रहा तो प्रशासन उनपर भी ध्यान देगा जिनकी वजह से यह सब शुरू हुआ ..
ताजा अपडेट के मुताबिक इस हिंसा मामले में पुलिस ने 27 नामजद और 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.
वहीं इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए SIT का गठन भी कर दिया गया है.

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