G-20 समिट में ये थी भारत द्वारा की गई मुख्य बातें, आजादी के 75वें साल के लिए मिला तोहफा

G20 Summit 2018 Updates

G20 Summit 2018 Updates : आजादी के 75 साल पुरे होने पर देश में होगा G20 सम्मेलन

G20 Summit 2018 Updates : अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में हुए G-20 समिट को लेकर अब रिपोर्ट सामने आ गयी है, आपको बता दें जी-20 विश्व की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है जिसमें भारत भी शामिल है.

दुनिया भर की निगाहें इस बार की G-20 बैठक पर थी क्योंकी बीते कुछ दिनों में शक्तिशाली देशों के बीच कई ऐसे दौर आए जब लगा कि वो युद्ध की तरफ बढ़ रहे हैं.
इस बैठक में पर रूस के साथ अमेरिका के तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार और जलवायु को लेकर आक्रामक रुख का असर साफ नजर आ रहा है.
वहीं हाल में पनपे रूस-यूक्रेन विवाद चीन के साथ अमेरिका के व्यापार विवाद और सऊदी अरब के साथ रिश्तों समेत कई मुद्दों पर राष्ट्रध्यक्षों में मतभेद दिखे.
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने G-20  समिट के शुरू होने से पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे से बातचीत कर ली थी.
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विदेश मंत्रलय प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट करके दी हर पल की खबर
रवीश कुमार ने बताया की  “पुतिन, इटली के प्रधानमंत्री ग्यूसेप कोंते और ब्रिटिश प्रधानमंत्री के साथ मोदी की बात हुई.
मोदी ने चिली के राष्ट्रपति सेबस्टियन पिनेरा से भी मुलाकात की और उनके साथ कारोबार, ऊर्जा, कृषि और स्वास्थ्य जैसे परस्पर हित के कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की.
अपने दुसरे ट्वीट में रवीश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 शिखर सम्मेलन से इतर जंकर और डोनाल्ड टस्क से मुलाकात की.
चर्चा सभी तरह के आतंकवाद से लड़ने के लिए संयुक्त प्रयास समेत भारत-यूरोपीय संघ के रिश्ते मजबूत करने पर केंद्रित रही.
बता दें पीएम मोदी ने मोदी ने  चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, सऊदी अरब के वली अहद मोहम्मद बिन सलमान और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस से अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं.

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G20 समिट के दौरान पीएम मोदी ने कहीं  ये बातें 
पीएम मोदी ने कहा कि  ‘‘JAI(जापान, अमेरिका, भारत) की बैठक लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित है…‘जेएआई’ का अर्थ जीत शब्द से है.” यह बैठक तीन राष्ट्रों की दूरदृष्टि का समन्वय है.
वहीं जापान के प्रधानमंत्री ने कहा कि वह प्रथम ‘‘जेएआई त्रिपक्षीय ” में भाग लेकर खुश हैं.
देश का पैसा लूटकर भाग जाने वालों पर पीएम मोदी ने कहा कि आर्थिक अपराधियों की पहचान, प्रत्यर्पण और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए सर्वसम्मत प्रक्रिया होनी चाहिए.
इस मुद्दे पर जी-20 देशों के बीच मजबूत और सक्रिय सहयोग की जरूरत है.इसके लिए मैकेनिज्म बनाना चाहिए जिससे भगोड़े आर्थिक अपराधियों की एक-दूसरे के देश में एंट्री रोकी जा सके.
इसके अलावा उन्होंने अर्थव्यवस्था के आधुनिकीकरण और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही जनधन योजना, मुद्रा और स्टार्ट अप इंडिया योजनाओं का जिक्र भी किया.
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आजादी के 75वें साल में होगा सम्मेलन
दरअसल, 2022 में इटली को G-20 करना था लेकिन पीएम मोदी ने कहा कि 2022 में भारत की आज़ादी को 75 वर्ष हो रहे हैं और ऐसे में हम सम्मेलन करना चाहते हैं.
पीएम मोदी की बात इटली समेत सभी देशों ने मान ली, अब इटली में 2021 में सम्मेलन करेगा.

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पीएम मोदी ने 2022 की मेजबानी मिलने के बाद  किया यह ट्वीट 
‘वर्ष 2022 में भारत की आजादी के 75 साल पूरे हो रहे हैं. उस विशेष वर्ष में, भारत जी-20 शिखर सम्मेलन में विश्व का स्वागत करने की आशा करता है.
विश्व की सबसे तेजी से उभरती और बड़ी अर्थव्यवस्था भारत में आइए, भारत के समृद्ध इतिहास और विविधता को जानिए और भारत के गर्मजोशी भरे आतिथ्य का अनुभव लीजिए.
फ़िलहाल, पीएम मोदी वापस दिल्ली आ गए हैं और 2022 के सम्मेलन की मेजबानी मिलना एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है. आने वाले समय  इस सम्मेलन में हुए फैसलों का भारत पर क्या असर रहेगा यह देखना होगा…

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