2019 के चुनाव से पहले पीएम मोदी को इन 8 चुनौतियों से निपटना होगा, नहीं तो…

PM Narendra Modi 2019 Election Challenges

PM Narendra Modi 2019 Election Challengesखबर में जानिए क्या हैं पीएम मोदी के सामने 8 सबसे बड़ी चुनौतियाँ   

PM Narendra Modi 2019 Election Challenges :  2019 के लोकसभा चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में इस समय का सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या साल 2014 की तरह 2019 में भी मोदी लहर का जादू दिखेगा.

वैसे तो इस बारे में कहना किसी के लिए भी जल्दबाजी होगी मगर मौजूदा हालातों को देखते हुए इस बार हो सकता है 7RCR की राह मोदी जी के लिए थोड़ा कठिन हो .
दरअसल पीएम मोदी ने साल 2014 में सत्ता सँभालने से पहले देश से कई बड़े-बड़े वायदे किये लेकिन अभी तक वो अपने किसी भी फैसले से जनता को पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर पाए हैं.
आज के परिवेश की बात करें तो पीएम के साथ साथ उनकी पूरी पार्टी के सामने  8 ऐसी मुश्किलें हैं जिनसे पार पाना बेहद चुनौतीपूर्ण है, अगर 2019 में जीत हासिल करनी है तो पहले अन्हें इन 8 रोड़ों को रास्ते से हटाना ही होगा.
पढ़ें पूर्व RBI गर्वनर रघुराम राजन पर सवाल उठाने वाले जानते भी हैं उनकी क्वालिफिकेशन और अचीवमेंट
जानिए क्या हैं पीएम मोदी के सामने 8 सबसे बड़ी चुनौतियाँ !  

1. मॉब लिंचिंग 

सबसे पहले तो समझिये मॉब लिंचिंग है क्या, दरअसल जब इंसानों की भीड़ एक साथ किसी को तबतक मारती रहे जबतक उसकी मौत ना हो जाये या हालत मरने जैसी ना हो जाए उसे ही मॉब लिंचिंग कहते हैं, आसान शब्दों में जब जनता अपने हाथ में कानून लेले…
पिछले कुछ समय से भारत के अंदर मॉब लिंचिंग की घटनाएं काफी बढ़ गयी है जिसकी वजह से सरकार घेरे में आ रही है. लोगों की सरकार से मांग है कि  इसके लिए कोई पुख्ता कानून बनाया जाए लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है.
हालाकिं, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद सरकार ने फेक मेसेज फ़ैलाने वालों के खिलाफ कड़े एक्शन की बात कही लेकिन इसका असर अभी देखने को नहीं मिला है.
PM Narendra Modi 2019 Election Challenges
demo pic
पढ़ेंनोटबंदी का फैसला हुआ फ्लॉप ? 99.30 फीसदी पुराने नोट वापस पहुंचे बैंक

2. नोटबंदी की विफलता

8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री ने आधी रात जिस तरह से काले धन के खिलाफ लड़ाई बताते हुए 1000 और 500 के नोटों को बंद कर दिया था उससे देश में कुछ दिनों तक आर्थिक भुचाल की स्थिति बन गई थी.
लेकिन 2 साल बाद जब RBI ने बताया कि नोटबंदी के दौरान मार्केट में मौजूद 99.3 प्रतिशत नोट वापस बैंकों में पहुंच गए हैं तो आम जनता पीएम के इस फैसले से खुद को ठगा हुआ महसूस करने लगी है.
क्योंकी देश का हर नागरिक अपनी नोटों को बदलने के लिए काफी दिक्कतों का सामना किया था, यही नहीं कई लोगों ने तो बैंक की लाइनों में खड़े रहने के दौरान अपना दम तक तोड़ दिया.
ऐसे में रिजर्व बैंक की ताजा रिपोर्ट से आम जनता में मोदी सरकार के खिलाफ रोष की स्थिति पैदा हो गई है.
PM Narendra Modi 2019 Election Challenges
भारतीय किसान

3. किसानों को नहीं मिली राहत 

यूं तो सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया था लेकिन इसका फायदा  किसानों को मिला या नहीं यह अभी तक साफ़ नहीं हो पाया है. ऐसे में सरकार को चाहिए की वो किसानों के बीच जाकर उनसे बात कर अपनी योजनों को ज़मीनी स्तर पर उन तक पहुँचाना का प्रयास करें.
हाल ही में देशभर से लाखों किसानों ने दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया था, लेकिन इसके बाद भी सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया.
पढ़ें अभी और बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम, इन 3 कारणों की वजह से सरकार है मजबूर

4.पेट्रोल-डीजल के बढ़ते काम 

कारण चाहे जो हो जनता की नज़रों में पीएम मोदी की छवि नीचे गिराने में  पेट्रोल डीजल के आसमान छूते दामों का अहम योगदान है.
वहीं सरकार ने अभी तक इसका कोई पुख्ता हल नहीं निकाला है और ना ही पेट्रोल-डीजल को GST में शामिल किया है.  बता दें बढ़ते दामों को देखते हुए आज यानि की 10 सितंबर को विपक्षी पार्टी कांग्रेस द्वारा भारत बंद भी बुलाया गया है.
demo pic

5. डॉलर की मजबूती   

जिस पीएम मोदी ने गुजरात के सीएम रहते वक़्त भारतयीय मुद्रा के कमजोर होने की बात कही थी आज उन्हीं के राज में रुपया अबतक के सबसे निचले स्तर पर आ गया है. बता दें की 1 डॉलर की कीमत 72 रुपए तक पहुंच चुकी है  जिसके कारण भारत में महंगाई भी बढ़ रही है और विदेश से कमाने वालों को मुसीबत हो रही है.

General Caste Protest SC/ST Act Amendment

पढ़ें – SC/ST Act के खिलाफ सवर्णो की पीड़ा भी समझने की जरूरत, ऐसे ही भारत बंद कोई नहीं करता

6. SC/ST एक्ट 

6 सितंबर को सवर्णों ने भारत बंद बुलाया था जिसका कारण था सरकार द्वारा SC/ST एक्ट का संशोधन. बीजेपी को हमेशा से ऊंची जाती की सरकार माना जाता है लेकिन इस बार उनसे सवर्ण भी नाराज़ हैं, ऐसे में मोदी जी को कोई ठोस कदम उठाना ही होगा  नहीं तो भारी नुकसान हो सकता है.
करणी सेना साफ़ कह चुकी है कि वो इस बार बीजेपी का समर्थन नहीं करेंगे साथ ही साथ देशभर में कई और जगहों पर बीजेपी के खिलाफ कदम उठाये गए हैं.
अब ऐसे में बीजेपी असमंजस की स्थिति में है कि वो किसकी तरफ रहे SC/ST या सवर्ण.

7. राम मंदिर और धारा 370

बीजेपी के लिए राम मंदिर और कश्मीर को दिए जाने 370 के तहत अधिकारों को खत्म करना हमेशा से चुनावी एजेंडा में शामिल रहा है.
2014 में पार्टी मेनिफेस्टो में इन दोनों मुद्दों का शामिल किया गया था लेकिन 4 सालों की सरकार के बाद भी इसपर इअअपना रूख स्पष्ट ना करना पार्टी की दोहरे चरित्र को दर्शाता है.
हालांकी चुनावों से पहले कई बीजेपी नेता इस मुद्दे को उछालने का प्रयत्न करते हैं मगर चुनाव बाद फिर से इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है.
इसे लेकर हिंदू और राष्ट्रवादी संठन बीजेपी से काफी नाराज चल रही जिसका खामियाजा 2019 में पार्टी को भुगतना पड़ सकता है.
PM Narendra Modi 2019 Election Challenges
demo pic   
पढ़ें – अनशन के 14वें दिन अस्पताल पहुंचे हार्दिक पटेल, मगर उपवास अब भी जारी

8. सोशल मीडिया

जिस सोशल मीडिया को ढाल बनाकर पीएम मोदी ने गुजरात से लेकर दिल्ली तक का सफर किया अब वही सोशल मीडिया उनके लिए मुसीबत बनती दिख रही है.
पीएम मोदी के खिलाफ  सोशल मीडिया पर जमकर बातें चल रही हैं जिसका नुकसान उन्हें 2019 में होगा.
सूट-बूट कहो या ऊंचे लोगों की सरकार इसे जनता का गुस्सा 2019 में देखने मिल सकता है, आलम यह है कि हर वर्ग बीजेपी से दुखी है और ऐसे में सरकार को जल्द कोई कदम उठाना ही होगा नहीं तो पत्ता साफ़ ही समझों