नहीं रूक रहा यूपी -उत्तराखंड में जहरीली शराब पीने वाले लोगों की मौत का तांडव

UP Uttarakhand Poisonous Liquor Tragedy
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UP Uttarakhand Poisonous Liquor Tragedy : दोनों राज्यों में अब तक 100 से ज्यादा लोगों की हो चुकी है मौत

UP Uttarakhand Poisonous Liquor Tragedy : यूपी और उत्तराखंड में जहरीली शराब से होने वाली मौतों का तांडव अब तक रूकने का नाम ही नहीं ले रहा है.

ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों राज्यों में कुल मिलाकर अब तक 100 से ज्यादा लोग जहरीली शरीब के सेवन से मृत हो चुके हैं, जिसमें यूपी से 77 और उत्तराखंड के 32 लोग शामिल हैं.
ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं की मौत के आकड़े और बढ़ेंगे क्योंकी अस्पताल में भर्ती कई लोगों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है.
मौत के बढ़ते आकड़ों को देखते हुए राज्य की सरकारें हरकत में आ गई है, प्रदेश के अंदर इस तरह के काम में संलिप्त लोगों की ताबतोड़ गिरफ्तारियां हो रही है.
उत्तर प्रदेश के आबकारी विभाग के अनुसार हादसे पर अब तक 297 मुकदमा दर्ज करके 175 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
इसके अलावा सहारानपुर में 10 पुलिसकर्मियों को भी उनके पद से निलंबित कर दिया गया है.
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रासुका लगाने की तैयारी
लोकसभा चुनावों को देखते हुए यूपी की योगी सरकार ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए जहरीली शराब बनाने और बेचने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा एक्ट (रासुका) लगाने की तैयारी कर रही है.
फिलहाल प्रशासन ने अवैध रूप से शराब बनाने व बेचने वालों के खिलाफ 15 दिनों का अभियान छेड़ रखा है जिसकी निगरानी खुद प्रदेश के डीजीपी कर रहे हैं.
वहीं उत्तराखंड सरकार ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं.
बता दें की सहारनपुर में अवैध शराब की भठ्ठियों से 36,100 किलो लहन (कच्चा पदार्थ), 250 लीटर कच्ची शराब और 60 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुई है.
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मरने वालों को मिलेगा मुआवजा
उत्तराखंड के सीएम त्रिवंद्र सिंह रावत ने अपने राज्य मे जहरीली शराब से मरने वाले लोगों के लिए मुआवजे की घोषणा करी है.
मृतकों के घरवालों को 2 लाख और गंभीर रुप से अस्पताल में भर्ती परिजनों को 50 हजार की सहायता राशि दी जाएगी.
वहीं यूपी में अभी तक मुआवजे को लेकर ऐसी कोई सूचना सामने नहीं आई है.
हालांकी राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) ने सरकार से जहरीली शराब से मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और बीमारों को 2-2 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है.
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नया नही है जहरीली शराब से मौत का मामला
ज्ञात हो यूपी के लिए जहरीली शराब से लोगों की मरने का ये मामला कोई नया नहीं है.
आपको शायद याद होगा की 2018 में मई महीने में कानपुर और कानपुर देहात में ज़हरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत हुई थी.
इससे पहले अखिलेश यादव की सरकार में मलिहाबाद जहरीली शराब से करीब 30 लोगों की मौत मामले ने तो समाजवादी सरकार को ही कटघरे में ला खड़ा किया था.
सिर्फ राज्य ही नहीं बल्की पूरे देश के अंदर हरीली शराब पिछले एक दशक में हजारों लोगों की जिंदगी तबाह कर चुकी है.
2015 में मुंबई में जहरीली शराब पीने से 100 लोगों की मौत हुई थी तो वहीं 2011 में पश्चिम बंगाल में 172 लोगों ने इस वजह से जान गंवाई थी.
सबसे ज्यादा मौतों की बात करें तो ओडिशा में साल 1992 में 200 लोगों ने अवैध शराब का सेवन कर अपनी जान गंवाई थी.जबकी इस घटना में 600 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

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