पश्चिम बंगाल के ‘खूनी’ पंचायत चुनाव में 11 मरे और दर्जनों हुए घायल, सालों से रहा है रक्तरंजित इतिहास

West Bengal Panchayat Election 2018
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West Bengal Panchayat Election 2018 : हर साल राजनीतिक हिंसा में 100 से ज्यादा लोगों की हो जाती है मौत

West Bengal Panchayat Election 2018 : पश्चिम बंगाल में सोमवार का दिन पंचायत चुनाव के लिए निर्धारित किया गया था, लेकिन इस दिन की शुरूआत ही हिंसा से हुई.

बता दें कि पश्चिम बंगाल में चुनाव हमेशा से ही हिंसा भड़काने वाला रहा है और इस बार भी राज्य में हो रहे पंचायत चुनाव में कानून की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अबतक यहां हुए हिंसात्मक झड़प में 11 लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं.
बैरकपुर में बीजेपी प्रत्याशी को मारा गया चाकु
बंगाल में चुनाव के दौरान सुबह से ही हिंसात्मक गतिविधियां देखने को मिलना शुरू हो गई थी. जिसमें राज्य के कई हिस्सों से बूथ कैप्चरिंग, वोटरों को धमकाने और बैलट इधर-उधर करने की घटनाएं शामिल थी.
गौरतलब है कि बैरकपुर में बीजेपी प्रत्याशी को चाकु तक मार दिया गया जिसके बाद आनन फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई
उधर, उत्तरी 24 परगना में एक बम धमाके में 20 लोग घायल हो गए हैं, इससे पहले कूचबिहार में दो गुटों के बीच हुई झड़प में कई लोग घायल हो गए थे.
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मीडिया भी हमले का हुआ शिकार
पश्चिम बंगाल के इस लहुलुहान चुनाव में मीडिया पर भी जमकर हमले हुए हैं.
बता दें कि 5 स्थानीय पत्रकार इसमें घायल हो चुके हैं और दक्षिण 24 परगना के भांगर में मीडिया की गाड़ी को आग के हवाले भी कर दिया गया है. हालांकि हिंसा को देखते हुए कुछ स्थानों पर वोटिंग को कुछ समय के लिए बंद करवा दी गई थी.
जानिए क्या है चुनावी समीकरण
दरअसल, पश्चिम बंगाल में 58 हजार 692 सीटों के लिए चुनाव होने थे जिनमें से 20 हजार 76 सीटों पर प्रत्याशियों को निर्विरोध चुना जा चुका है.
हांलाकि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों को अभी सर्टिफिकेट जारी नहीं करने को कहा है.
बाकी सीटों के लिए चुनाव आज हो रहे हैं यह चुनाव 20 जिलों में करवाए जा रहे हैं जो 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए काफी महत्व रखते हैं क्योंकी राज्य की 42 में से 40 लोकसभा सीटें इन्हीं 20 जिलों में से हैं.
ऐसे में 2019 में होने वाले आम चुनाव से पहले राजनीतिक दल इस चुनाव को वॉर्मअप मैच की तरह देख रही हैं.
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पहले भी हो चुकी हैं बंगाल में हिंसा
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक झड़पों का एक लंबा व रक्तरंजित इतिहास रहा है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 में बंगाल में राजनीतिक कारणों से झड़प की 91 घटनाएं हुईं और 205 लोग इस हिंसा के शिकार हुए.
इससे पहले यानी वर्ष 2015 में राजनीतिक झड़प की कुल 131 घटनाएं दर्ज की गई थीं और 184 लोग इसके शिकार हुए थे.
वहीं और पीछे जाए तो वर्ष 2013 में बंगाल में राजनीतिक कारणों से 26 लोगों की हत्या हुई थी, जो किसी भी राज्य से अधिक थी.
सन् 1997 में वामदल की सरकार में गृहमंत्री रहे बुद्धदेब भट्टाचार्य ने विधानसभा मे जानकारी दी थी कि वर्ष 1977 से 1996 तक पश्चिम बंगाल में 28,000 लोग राजनीतिक हिंसा में मारे गये थे जो कि एक भयावह तस्वीर पेश करती हैं.
खैर, सोमवार को चुनाव के दौरान हुए हिंसा के बाद चुनाव आयोग ने दुबारा मतदान कराने की बात रखी है. 16 मई को दुबारा से ऱद्द किए गए जगहों पर मतदान होंगे और 17 मई को रिजल्ट आएगा.