जानें कौन है सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने वाली दो महिलाएं,कैसे किया दर्शन

Women Enter Sabarimala Temple

Women Enter Sabarimala Temple : इन महिलाओं ने सुबह 3:45 बजे मंदिर में प्रवेश किया

Women Enter Sabarimala Temple : केरल के सबरीमाला मंदिर में 50 साल की कम उम्र की दो महिलाओं नें प्रवेश कर वहां की 800 सालों की परंपरा को तोड़ दिया है.

बता दें की इस मंदिर में 50 साल से ऊपर की महिलाएं या यूं कहे जिनके मासिक धर्म आने बंद हो जाते हैं सिर्फ उन्हीं महिलाओं के प्रवेश की अनुमति थी.
लेकिन कुछ महीनों पहले ही 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान इसे लैंगिक भेदभाव का मामला बताते हुए सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दे दी थी.
हालांकी कोर्ट के इस फैसले के बाद देशभर के हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध जताया था और मंदिर के अंदर इस उम्र के बीच की महिलाओं के प्रवेश ना होने को लेकर डटे हुए थे.
लेकिन बुधवार तड़के दो महिला श्रद्धालु जिनकी उम्र 50 वर्ष से कम बताई जा रही है उन्होंने सबकी आंखों से बचते हुए मंदिर मे प्रवेश कर भगवान अय्पपा की पूजा अर्चना करी.

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कौन है दोनों महिलाएं
दर्शन करने वाली महिलाओं में एक बिंदू अम्मिनी जिनकी उम्र 42 साल बताई जा रही है कन्नूर यूनिवर्सिटी में लीगल स्टडीज की असिस्टेंट प्रफेसर हैं.
वहीं, 44 साल की कनकदुर्गा सिविल सप्लाइ कॉर्पोरेशन आउटलेट में असिस्टेंट मैनेजर हैं और वह एक रुढ़िवादी नायर परिवार से हैं.
मीडिया से बातचीत में इन्होंने बताया की हमने सुबह 3:45 बजे मंदिर में प्रवेश किया, जहां हमने कुछ देर बिताए और पूजा करके वापस आ गए. यह सब हमारे लिए किसी सपने के सच होने जैसा था.
प्रशासन का था पूरा सहयोग
बिंदू ने मीडिया को बताया की हमने मंगलवार को ही पुलिस से संपर्क साधा जिसके बाद उन्होंने हमारी मदद का पूरा आश्वाश्न दिया.
बता दें की इन दोनों महिलाओं की मंदिर में प्रवेश की सीसीटीवी फुटेज जारी हो गई है औऱ खुद इस बारे में मुख्यमंत्री विजयन ने इनके प्रवेश की पुष्टी की है.
इस तरह हुए दर्शन
दरअसल कुछ स्थानीय मीडिया के अनुसार दर्शन के लिए ऐसा दिन चुना गया जब लोगों का ध्यान मंदिर की ओर ना हो.
महिलाओं की सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों में उनके साथ दो पुलिसकर्मी भी मौजूद थे.उन्होंने पारंपरिक रास्ते (पथिनेट्टम पड़ी) की बजाय स्टाफ के आने-जाने की राह को पकड़ा.
फिलहाल दर्शन के बाद प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचा दिया और उनकी मौजूदा स्थिति के बारे में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है.

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दर्शन के बाद मंदिर का हुआ शुद्धिकरण
इन महिलाओं के दर्शन के बाद केरल के सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा के मंदिर के दरवाजे बंद कर दिए गए. फिर शुद्धीकरण के बाद इनके कपाट दोबारा से खोले गए हैं.
वहीं आज केरल समेत देश के कुछ हिस्सों में इन महिलाओं के प्रवेश को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. 
1 दिन पहले ही बनाई थी ह्यूमन चेन
सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के समर्थन में मंगलवार यानी की 1 जनवरी को 620 किमी लंबी श्रृंखला बनाई गई थी.
यह श्रृंखला कासरगोड से तिरुवनंतपुरम तक बनाई गई जो 14 जिलों से होकर गुजरी थी