सात साल पहले एसिड अटैक का हुई शिकार, अब बनी बैंकर

Acid Attack Survivor Becomes Banker
PC - Social(FilePhoto)


Acid Attack Survivor Becomes Banker : आज से 7 साल पहले  इंद्रजीत के साथ उनकी जिंदगी तबाह कर देना वाला हादसा हुआ था


Acid Attack Survivor Becomes Banker : आज से सात पहले जब इंदरजीत के साथ उनकी जिंदगी तबाह कर देना वाला हादसा हुआ तो शायद ही किसी ने सोचा होगी कि वह एक दिन बैंकर बन जाएंगी.

ऐसा हुआ और यह हुआ उनकी हिम्मत के कारण,30 साल की इंदरजीत ने बैंकर के तौर पर अपनी जिंदगी की नई शुरुआत की है. उन्‍हें केनरा बैंक के दिल्‍ली स्थित ऑफिस में क्‍लर्क के पद पर नियुक्‍त किया गया है.
एसिड अटैक का हुई थीं शिकार
मोहाली की मरौली कलन गांव में रहने वाली इंद्रजीत ने जीरकपुर के मंजीत सिंह का शादी का रिश्ता ठुकरा दिया था.
जिससे नाराज मंजीत ने इंद्रजीत के घर में घुसकर उस पर एसिड अटैक कर दिया. आंखों की रोशनी जाने के अलावा कौर को गले, चेहरे और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर घाव हुए.
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मां के अलावा किसी ने नहीं दिया साथ 
इंदरजीत बताती हैं की मैंने अपनी जिंदगी में बहुत बुरा समय देखा,इस दुख के समय में मां के अलावा किसी रिश्तेदार ने भी उनका कोई साथ नहीं दिया. यहां तक किउनके सगे भाई ने भी किनारा कर लिया.
मीडिया से बातचीत में इदरजीत ने कहा की इस दौरान उनकी पढ़ाई छूट गई और वो खुद को पूरी तरह अलग-थलग महसूस करने लगी थी.
Acid Attack Survivor Becomes Banker
इंद्रजीत कौर
उन्होंने कहा की मैं हर वक्त बस रोती रहती थी, गांव-वाले और रिश्तेदार कहते थे कि मैं अपने परिवार और समाज पर हमेशा के लिए बोझ बन कर जिऊंगी.
उनके तानों से तंग आकर इंदरजीत ने अपनी जिंदगी में खोई हुई प्रतिष्ठा को हासिल  करने के लिए कुछ करने की सोची और देहरादून स्थित नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर विजुअली हैंडीकैप्ड में प्रवेश ले लिया.
देहरादून के इस संस्थान में इंद्रजीत ने ऑडियो के माध्यम से पढ़ना सीखा और 2016 में ग्रैजुएशन की पढ़ाई पूरी कर ली.
 बैंकिंग सर्विस के लिए दो बार एग्जाम में असफल होने के बाद हालांकी जून 2018 में तीसरे प्रयास में उन्हें सफलता हाथ लगी.
इंद्रजीत का विजुअली इम्पेयरड कैटिगरी में चयन हुआ और कैनरा बैंक की दिल्ली शाखा में उनकी पोस्टिंग हुई है. 
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हाईकोर्ट से लगाई गुहार 
खुद पर हुए एसिड अटैक से पहले इंदरजीत बच्‍चों को ट्यूशन पढ़ाती थीं पर इस हादसे ने उनकी आमदनी का एकमात्र जरिया भी छीन लिया.
गरीब परिवार की होने की वजह से वह प्‍लास्टिक सर्जरी जैसे महंगे इलाज करवाने में असमर्थ थीं. ऐसे में उन्‍होंने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से अपने इलाज और पुनर्वास के लिए आर्थिक मदद दिलवाने की गुहार लगाई.
उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिया कि वह उनका मुफ्त  इलाज करवाने के साथ साथ आर्थिक सहायता भी उपलब्‍ध कराए.