अरुणिमा ने अंटार्कटिका के माउंट विन्सन फतह कर रचा नया कीर्तिमान,बनी दुनिया की पहली दिव्यांग महिला

Arunima Sinha Climb Antarctica Mount Winsen

Arunima Sinha Climb Antarctica Mount Winsen :  -40 से 45 डिग्री के तापमान में हासिल कर उपलब्धि

Arunima Sinha Climb Antarctica Mount Winsen : वो कहतें है ना की अगर मन में किसी चीज को पाने का जुनून हो तो वहां बड़ी से बड़ी परेशानी भी नतमस्तक होकर अपनी हार मान ही लेती है.

कुछ ऐसा ही किस्सा है महिला पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा का, जिन्होंने एक पैर से दिव्यांग होते हुए भी दुनिया की छह प्रमुख पर्वत चोटियों पर तिरंगा लहराकर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है.
 अब एक और खुशी की बात है की अपनी इस देश की बेटी ने दुनिया की सबसे उंची पर्वत चोटियों में शामिल अंटार्कटिका के ‘विन्सन मैसिफ़’ हिल पर भी तिरंगा लहराकर हम सभी को फक्र करने का मौका दिया है.
दुनिया की बनी पहली दिव्यांग महिला
बता दें की अंटार्कटिका के सबसे उंचे पर्वत पर चढ़ने वाली अरुणिमा दुनिया की पहली दिव्यांग महिला पर्वतारोही बन गई हैं.
उनके ट्वीटर से मिली जानकारी के मुताबिक उन्होंने गुरुवार को 12 बजकर 27 मिनट पर माउंट विंसन को फतह कर वहां भारत का राष्ट्रीय ध्वज फहरा दिया.
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बता दें की अरुणिमा ने -40 से 45 डिग्री के तापमान, जहां बर्फीली हवाएं और खून जमा देने वाली ठंड के बीच जिद्दोजेहद करते हुए इस उपलब्धि को हासिल किया है
ट्वीटर पर प्रधानमंत्री को टैग कर दी जानकारी
अरुणिमा ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘इंतजार खत्म हुआ, मुझे आपके साथ यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि माउंट विन्सन (अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी ) पर चढ़ाई करने वाली दुनिया की पहली दिव्यांग महिला का विश्व रिकॉर्ड हमारे देश के नाम पर हो गया है. सभी के आशीवार्द व प्रार्थना के लिए आभार, जय हिंद
पीएम मोदी ने भी दी बधाई
अरुणिमा के ट्वीट के बाद पीएम मोदी ने अरुणिमा को बधाई देते हुए अपने अकाउंट से ट्वीट किया ‘अरुणिमा सिन्हा को सफलता का नया शिखर छूने के लिए बधाई. वह भारत की गौरव हैं, जिन्होंने अपने कठिन परिश्रम और दृढ़ता की बदौलत यह मुकाम हासिल किया है.भविष्य में उनके प्रयासों के लिए मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं.
Arunima Sinha Climb Antarctica Mount Winsen
PC – Twitter
ट्रेन से बदमाशों ने दिया था धक्का
गौरतलब है की यूपी की रहने वाली अरुणिमा पूर्व में एक नेशनल लेवल की वॉलीबॉल खिलाड़ी थी,लेकिन अप्रैल 2011 में लखनऊ से नई दिल्ली के सफर में कुछ बदमाशों ने उन्हें चलती ट्रेन से धक्का दे दिया था जिसमें उन्हें अपनी एक टांग गंवानी पड़ी थी.
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बता दें की कृत्रिम पैरों के सहारे माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली दुनिया की एकमात्र पर्वतारोही अरुणिमा अब तक किलीमंजारो (अफ्रीका), एल्ब्रूस (रूस), कास्टेन पिरामिड (इंडोनेशिया), किजाश्को (ऑस्ट्रेलिया)र माउंट अंककागुआ (दक्षिण अमेरिका) की चोटियों को भी फतह कर चुकी हैं.
अरुणिमा को उनकी उपलब्धियों के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है साथ ही उन्हें ब्रिटेन की एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि से भी नवाजा है