Bapu Ki Kutiya : छत्तीसगढ़ सरकार की इस कुटिया में बुजुर्गों का दूर होगा अकेलापन

Bapu Ki Kutiya : पार्क और सामाजिक स्थलों पर बनेगी बुजुर्गों के लिए झोपड़ी

Bapu Ki Kutiya : इंसान के जीवन में बुढ़ापा एक ऐसी अवस्था होती है जहां वो खुद को असहाय और अकेला समझने लगता है.

इसकी वजह भी जायज है क्योंकि मौजूदा दौर में जहां लोगो के पास अपने लिए वक्त नहीं है ऐसे में उनके लिए अपने बुढ़े हो चुके मां बाप के साथ वक्त बिताना बेमानी ही होगी.
हालांकि उम्र के इस पड़ाव में सभी बुजुर्ग यही चाहते हैं कि वह किसी से बात कर सकें, उनके पास कोई हो जिसके साथ वो अपना दुख सुख बांट सके मगर इस तेज दौड़ती दुनिया में अब यह यह असंभव सा लगता है.
लेकिन छत्तीसगढ़ में ऐसे लोगों के लिए एक नई पहल की शुरुआत की गई है जहां सरकार सभी वृद्धों को एक साथ लाने और उनकी जिंदगी के आखिरी लम्हें को खुशहाल बनाने के लिए अग्रसर है.
इस परियोजना को राज्य सरकार ने ‘बापू की कुटिया‘ नाम दिया है. जिसके अंतर्गत लगभग 50 आकर्षक झोपड़ियो को शेड पार्क और अन्य सार्वजनिक स्थानों में विशेष रूप से स्थापित किए जाएगा.
बता दें कि मुख्यमंत्री रमन सिंह ने शनिवार को कलेक्टरेट गार्डन में एसी पहली कुटिया का उद्घाटन भी कर दिया है. अब से यहां सभी बुढे एक दूसरे के साथ अच्छा समय व्यतीत कर सकते हैं, खेल सकते हैं और साथ टेलीविज़न भी देख सकते हैं.
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इस बारे में रायपुर के कलेक्टर ओपी चौधरी ने बताया कि समाज में वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए यह पहल की गई है, जहां सभी बुजुर्ग एक दूसरे के साथ अच्छा समय बिताना चाहते हैं और खुद के अकेलापन को दूर करने के लिए दोस्त बनाना चाहते हैं.
इस योजना को पूरा करने के लिए रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा 15 लाख रुपये की लागत से शहर में अच्छी तरह से सुसज्जित सुविधा का निर्माण किया गया है.
बापू की कुटिया में इन लोगों के लिए गार्डन, कुर्सियां, कूलर, टेलीविजन और रेडियो सेट जैसी चीजें उपलब्ध कराई जाएंगी . एक अनुमान के मुताबिक यहां लगभग 30 से 35 लोग एक साथ बैठ सकते हैं.
रायपुर के कलेक्टर ने बताया कि शतरंज और कैरम बोर्ड जैसे खेलों को इन बुजुर्गों द्वारा खेलने की व्यवस्था झोपड़ी शेड में करा दी गई है. इसके साथ ही इस शेड में उन्हें वहां पढ़ने के लिए तमाम समाचार पत्र और पत्रिकाएं भी दी जाएंगी.
इसके अलावा इन समूहों के रखरखाव और बुजुर्गों के कल्याण के लिए काम करने वाले एनजीओ को और संगठनों को भी सरकार द्वारा आमंत्रित किया गया है.
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उन्होंने बताया कि राज्य की राजधानी में ऐसी लगभग 50 झोपड़ियों को पार्क और अन्य सार्वजनिक स्थानों में बनाई जाएंगी. जिसकी  लागत जिला के सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा वहन किया जाएगा.
रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रजत बंसल ने कहा कि कई सामाजिक संगठन इन सुविधाओं के रखरखाव के लिए आगे आने के लिए उत्सुक हैं.
बंसल ने आशा व्यक्त की कि यह पहल बुजुर्ग लोगों के बीच सामाजिक संपर्क बढ़ाने और उन्हें सक्रिय, स्वस्थ और खुश रखने में मदद करेगी.

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