अब दुल्हन का वर्जिनिटी टेस्ट कराना माना जाएगा अपराध, मिलेगी सजा

Brides Virginity Test

Brides Virginity Test : जल्द ही इसकी सजा को लेकर एक परिपत्र जारी किया जाएगा

Brides Virginity Test : वर्जिन पत्नी की चाहत लगभग हर पुरूष रखता है,हमारे समाज में शुरू से ही लड़कियों के घर वाले अपनी बेटी को वर्जिनिटी बचाए रखने की सलाह देते हैं.

ऐसा इसलिए क्योंकी वो चाहते हैं की शादी के बाद वर्जिनिटी टेस्ट में अगर उनकी बेटी फेल हो गई तो उसे उसका पति हमेशा के लिए उसे छोड़ देगा,और पूरे परिवार की बदनामी होगी वो अलग
मगर अब किसी भी महिला को वर्जिनिटी टेस्ट के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता अगर आप ऐसा करते है तो यकनीन आपको जेल जाना पड़ सकता है.
दरअसल समाज के इस बड़े दंश को दूर करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है.
बता दें की सरकार को इस फैसले की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकी आज भी राज्य में कई समुदायो में नवविवाहित महिला को यह साबित करना होता है कि शादी से पहले उसका किसी और पुरूष के साथ शारीरिक संबंध नहीं था.
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इस तरह की कुप्रथा को रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को कहा कि वह किसी महिला को कौमार्य परीक्षण के लिए बाध्य करने को लेकर शीघ्र ही दंडनीय अपराध बनाएगी.
गौरतलब है की गृह राज्यमंत्री रंजीत पाटिल ने बुधवार को इस मुद्दे पर कुछ सामाजिक संगठनों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की जिसमें शिवसेना प्रवक्ता नीलम गोरहे भी थे.
इस प्रथा पर विचार विमर्श करने के बाद रंजीत पाटिल ने कहा की वर्जिनिटी टेस्ट को यौन हमले का एक प्रकार समझा जाएगा.
इसके लिए विधि एवं न्याय विभाग के साथ परामर्श के बाद एक परिपत्र जारी किया जाएगा, जिसमें इसे दंडनीय अपराध घोषित किया जाएगा.
Brides Virginity Test
कंजरभाट समुदाए में इस रिवाज का है प्रचलन
मंत्री जी ने बताया की महिलाओं की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाने वाला यह रिवाज कंजरभाट भाट और कुछ अन्य समुदायों में काफी प्रचलित है.
आपको बता दें की इन समुदाए में शादी करने वाली महिला को सुहागरात के दिन अपनी वर्जिनिटी साबित करनी होती है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंजरभाट समुदाय में सुहागरात के वक्त कमरे के बाहर पंचायत के लोग मौजूद होते हैं जो बेडशीट देखकर चेक करते हैं की नवविवाहित पत्नी वर्जिन है या नहीं.
इसे इस तरह चेक किया जाता है की अगर दूल्हा खून का धब्बा लगी चादर लेकर कमरे से बाहर आता है तो दुल्हन टेस्ट पास कर लेती है.
लेकिन अगर खून के धब्बे नहीं मिलते तो पंचायत सदस्य दुल्हन के किसी और के साथ अतीत में रिलेशनशिप होने का आरोपी ठहरा देते हैं और इस शादी अमान्य घोषित कर देते हैं.

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ऑनलाइन मुहिम ने दिखाया असर
न्यूज ऐजेंसी भाषा की खबर के मुताबिक इस तरह के वर्जिनिटी टेस्ट को रोकने के लिए महाराष्ट के कुछ नवयुवकों ने आनलाइन कैंपेन शुरू किया था.
ऐसा माना जा रहा है की महाराष्ट्र सरकार का यह फैसला इस तरह की मुहिम की सफलता को देखकर लिया गया है.
ज्ञात हो लगभग 2 साल पहले एक महिला ने ‘स्टॉप द V टेस्ट‘ नाम से एक आंदोलन शुरू किया था.
दिसंबर 2017 में नवविवाहित तमाईचिकर और उनके पति विवेक ने भी इस प्रथा का विरोध किया था और आज इस कैंपेन को लगभग लाखों लोगों का समर्थन मिला हुआ है.
इस मुहिम के तहत महिलाओं के अधिकारी की बात की जा रही है साथ ही इस टेस्ट को महिलाओं और समाज के खिलाफ बताया जा रहा है.

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