इस 130 साल के मगरमच्छ की मौत पर रोया पूरा गांव,ऐसा क्यों?

Chhattisgarh Old Crocodile Death

Chhattisgarh Crocodile Death : कभी किसी को नहीं पहुंताया था नुकसान,अंतिम संस्कार में शामिल हुआ पूरा गांव

Chhattisgarh Crocodile Death : आज के समय में जब अपनों की मौत पर लोगों के आंसू कम पड़ जा रहे हैं, ऐसे में छत्तीसगढ़ का एक पूरा गांव मगरमच्छ की मौत पर 4 दिन बाद अब तक शोकाकुल है.

छत्तीसगढ़ के बाबा बेमेतरा गांव में एक 130 साल के मगरमच्छ जिसका नाम गंगाराम था उसकी मृत्यु हो गई.
जैसे ही ये खबर गांव के लोगों तक पहुंची पूरा का पूरा गांव ही सदमें में चला गया.गंगाराम के अंतिम दर्शन के लिए सिर्फ इसी गांव के नहीं बल्कि दूर दूर से लोग आने लगे.
स्थानीय खबरों की माने तो जब सुबह तालाब के ऊपर मगरमच्छ ऊपर तैरता दिखा तो गांव वालों को अजीब लगा और फिर मछुआरों ने जाकर करीब से देखा तो उसकी सांसे थम चुकी थी.
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इसके बाद ग्रामीणों ने वनविभाग को इसकी सूचना दी जिसके बाद विभाग द्वारा गंगाराम का पोस्टमार्टम करके उसके गांव वालों को सौंप दिया गया.
जिसके बाद इन सब ने आपसी सहयोग से फूलों से सजी गाड़ी में मगरमच्छ गंगाराम की अंतिम यात्रा निकाली और फिर उसे एक इंसानों की तरह ही जमीन में दफना दिया गया.
गांव में बनेगा मंदिर
गंगाराम का गांवों वालों से काफी गहरा लगाव था बेमेतरा की कई पीडियां इस मगरमच्छ के सामने चली गई.
इंसानों से मिलते इतने प्यार को देखते हुए खुद गंगाराम भी उनसे काफी घुलमिल गया था.
अब स्थानीय लोगों और ग्रामीणों के सहयोग से गांव के तालाब जहां गंगाराम रहता था उसका एक मंदिर बनवाया जाएगा.
बता दें की इस मगरमच्छ की लंबाई 3.40 मीटर और मोटाई 1.30 मीटर थी और उसका कुल वजन ढाई क्विंटल था.
कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया
ग्रामीणों के मुताबिक गंगाराम ने कभी किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया.यहां तक की तालाब में नहाते समय जब लोग मगरमच्छ से टकरा जाते थे या पैर पड़ जाता था तो वह खुद ही हट जाता था.
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वैसे तो मगरमच्छ तालाब की मछलियों से ही अपना पेट भरता था लेकिन कई बार गांव के लोग उसे दाल चावल भी खिला दिया करते थे.
गंगाराम नाम पड़ने को लेकर गांववालों ने बताया की यहां तालाब के किनारे कुछ साल पहले स्व. हरि महंत रहते थे वही उसे गंगाराम पुकारते थे और उनकी आवाज सुनकर मगरमच्छ तालाब से बाहर आ जाता था.
गौरतलब है की वैसे तो मगरमच्छ की औसत आयु 70 साल होती है लेक‍िन रूस के एक च‍िड़‍ियाघर में 115 साल का मगरमच्छ होने का भी दावा क‍िया गया है.

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