Fatherless Brides : इस हीरा व्यापारी ने बिना पिता की 251 लड़कियों का एक साथ किया कन्यादान

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Fatherless Brides : गिफ्ट में मिला बहुत कुछ

Fatherless Brides : हमारे हिंदू समाज में ऐसी मान्यता रही है कि बेटी का कन्या दान करना ही दुनिया का सबसे बड़ा दान है. इस बात का शायद गुजरात के सूरत शहरे के हीरा व्यापारी महेश सवाणी ने बेहतर ढंग से समझा है.

दरअसल बीते रविवार को सूरत में एक साथ 251 बेटियों की शादी करा महेश ने समाज के लिए एक अद्भुत उदाहरण पेश किया है.
इस शादी में पांच मुस्लिम दंपति, एक ईसाई दंपति और दो एचआईवी पीड़ित कन्याओं का विवाह भी सम्पन्न कराया गया . इस शादी की खास बात यह रही कि सभी जोड़ो का विवाह उनके धार्मिक रिति रिवाजों के तहत कराया गया.
एक तरफ हिंदू धर्म के मुतबिक 245 लड़कियों की शादी हो रही थी तो वहीं दूसरी तरफ 5 मुस्लिम लड़कियों का भी निकाह पढ़ा जा रहा था और उसी जगह ईसाई धर्म की लड़कि अपने पति को रिंग पहना रही थी.
आपको बता दें कि पिछले 9 साल से महेश ऐसी लड़कियों का विवाह करा रहे जिनके पिता अब इस दुनिया में नहीं है.
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शादी में रहा खास इंतजाम
शादी में लगभग 1 लाख मेहमानों ने शिरकत करी. ईसाई दंपती की ‘रिंग सेरेमनी‘ के लिए एक आकर्षक स्टेज तैयार किया गया था.
इस मौके पर 251 जोड़ों के साथ इतने ही प्रकार की मिठाइयां भी बनाई गई.
सभी लड़कियों को गहने से लेकर घर गृहस्थी के इस्तेमाल में आनी वाली सभी जरूरी चीजों को भेंट किया गया साथ ही हर एक के नाम से 10 लाख का फिक्स डिपोसिट भी कराया गया.
इसके अलावा लकी ड्रा के जरिए 10 कपल को हनीमून पर सिंगापुर-मलेशिया और 100 जोड़ों को कुल्लू-मनाली भेजा जाएगा. साथ ही 30 कपल को हेलीकॉप्टर से सूरत शहर का दर्शन कराया जाएगा.
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 1000 बेटियों का कर चुके हैं कन्यादान
गौरतलब है कि महेश सवाणी साल 2008 से इस तरह का आयोजन कर रहे हैं ऐसे करने के पीछे की वजह वह बताते हैं कि उनके एक कर्मचारी की मृत्यु उनकी लड़की की शादी से कुछ दिन पहले हो गई थी तह से उन्होंने ऐसी लड़कियों की शादी का बीड़ा खुद उठाया जिनके पिता अब इस दुनिया में नहीं है.
वहीं इस बार सूरत में हुए सामूहिक विवाह में कारोबारी संजय मोवालिया ने भी उनका सहयोग किया.
महेश कहते हैं कि वह एक सामाजिक दायित्व मानकर इन लड़कियों के पिता बनने की जिम्मेदारी उठाते हैं और आगे भी उठाते रहेंगे.

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