भारत में इलाज के लिए गांजे को कानूनी मान्यता मिलनी चाहिए- मेनका गांधी

फोटो साभार-फेसबुक
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भारत सरकार में महिला एवं बाल विकाल मंत्री मेनका गांधी ने चिकित्सा उद्देश्य के लिए गांजे (मरिजुआना) को कानूनी मान्यता देने का सुझाव दिया है.
केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने यह सुझाव मंत्रियों के एक समूह (जीओएम) की दूसरी बैठक को संबोधित करते हुए दिया है. बैठक में नेशनल ड्रग डिमांड नीति में कटौती के मसौदे पर कैबिनेट नोट की समीक्षा की गई. इस बैठक का अध्यक्ष गृहमंत्री राजनाथ सिंह को बनाया गया था.
मेनका गांधी ने जीओएम की बैठक में विकसित देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका में मरिजुआना एक वैध पदार्थ है. जिसके कारण वहां अतंत नशीली दवाओं के सेवन में कमी आ रही है.
उन्होंने कहा कि हम भी अपने देश में इसके बारे में संभावनाओं का पता लगा सकते हैं.
इस बार में अधिक बात करते हुए मेनका ने कहा कि चिकित्सा प्रायजनों के लिए मरिजुआना को कानूनी मंजूरी मिलनी चाहिए. खासकर तब जब इससे कैंसर के इलाज में मदद मिलती है.
उन्होंने इस बैठक में कई दवाओं जैसे कोडाइन कफ सीरप और इन्हेलेंट सहित अन्य की बिक्री और उपलब्धता की निगरानी की जरूरत पर भी जोर दिया. क्योंकि उनका मानना है कि इन दवाओं का नशे के तौर पर ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है.
वहीं सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण सचिव जी लता कृष्ण ने कहा कि “भारत में साक्षरता के निम्न स्तर को देखते हुए “यहां ऐसी दवाओं को वैध बनाना उचित नहीं है.” लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी संभावनाओं का पता लगाया जा सकता है.