Indian Gay Prince : समलैंगिको के विकास के लिए भारत के ‘गे’ प्रिंस मानवेंद्र नें दान किया अपना महल

Indian Gay Prince
manvendra singh gohil

Indian Gay Prince : राजपिपला सिंहासन के हैं उत्तराधिकारी

Indian Gay Prince : भारत के एकमात्र गे प्रिंस मानवेन्द्र सिंह गोहिल ने अब अपने महल के दरवाजे अन्य सभी समलैंगिक, लेस्बीयन ट्रांसजेन्डर और ऐसे लोगों के लिए खोल दिए हैं जो अपने सेक्स को लेकर समाज से धिक्कारे जा चुके हैं.

गे-राजकुमार मानवेंद्र जो पश्चिमी गुजरात राज्य में राजपिपला सिंहासन के उत्तराधिकारी भी हैं उनका मानना है कि छोटे-छोटे शहर में ऐसे लोगों को खुलकर अपनी बात कहने या जैसे वह हैं वैसे रहने में मुश्किल होती है.
कई बार तो इन लोगों के परिवार वाले ही इन्हें घर से निकाल देते हैं.जिसके बाद इन लोगों को कहीं भी सम्मान के साथ नहीं रहने दिया जाता है और ये लगातार दर बदर भटकने को मजबूर हो जाते हैं.
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एलजीबीटी लोगों की मदद के लिए आए आगे
52 वर्षीय राजकुमार अपने पैतृक महल में समलैंगिक, लेस्बीयन,गे और ट्रांसजेन्डर लोगों (एलजीबीटी) के लिए एक खास केंद्र की शुरूआत की है .
इस केंद्र में समुदाए विशेष के लोगों को रोजगार पाने में मदद के साथ साथ अंग्रेजी भी सिखाई जाएगी, और व्यावसायिक कौशल में ट्रेन किया जाएगा साथ ही उन्हें यहां तमाम तरह कि चिकित्सा सुविधाए भी दी जाएंगी.
अंग्रेजी वेबसाइट रॉयटर को दिए इंटरव्यूह में गोहिल ने कहा कि उनका वंश अब आगे नहीं बढ़ेगा, इसलिए उन्होंने सोचा कि क्यों नहीं इस जगह को किसी और मकसद के लिए उपयोग करें.
गोहिल ने अपने रूढ़िवादी गृह राज्य में एलजीबीटी लोगों के लिए अपना पूरा महल दान कर दिया , और समलैंगिक अधिकारों के लिए एक चैंपियन बने.
बता दें कि मानवेंद्र ओपरा विन्फ्रे शो के अलावा कई अंतरराष्ट्रीय शो और जगहों पर जाकर इस मुद्दे पर बात कर चुके हैं.
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धारा 377 के पुरजोर विरोधी
मानवेंद्र भारत के उन कानून के एक मुखर आलोचक भी हैं, जो एक ही सेक्स वयस्कों के बीच यौन संबंधों को अपराध मानते हैं. हालांकि कुछ रोज पहले ही देश के शीर्ष अदालत ने सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस कानून को बनाए रखने के अपने 2013 के फैसले पर पुनर्विचार करेगा.
प्रिंस मानवेंद्र का ऐसा मानना है कि कानून में बदलाव से अधिक लोगों को बाहर आने और अपने जीवन को स्वतंत्र रूप से जीने का हौंसला मिलेगा. इससे लोगो को मदद भी मिलेगी जिसकी उन्हें जरूरत है..
गोहिल ने ऐसे लोगों की मदद के लिए एक ऑनलाइन क्राउड फंडिंग अभियान और दान केंद्र भी बनाया है जहां लोग उनकी इस कोशिश से जुड़ने के लिए दान कर सकते है.
उनकी इस कोशिश में उन्हें उन जैसे लोगों का साथ तो मिल ही रहा है साथ ही ऐसे लोगो का भी साथ जो उनकी सोच से सहमत हैं.