साइकिल से सबसे तेज दुनिया का चक्कर लगाने वाली पुणे की वेदांगी बनी पहली एशिआई महिला

India's Vedangi Kulkarni
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India’s Vedangi Kulkarni : इस तरह के सफर को पूरा करने वाली बनी पहली भारतीय

India’s Vedangi Kulkarni : आप सभी को ये जानकार खुशी होगी देश की एक और बेटी ने दुनिया में भरत का नाम ऊंचा करने का काम किया है.

दरअसल पुणे की रहने वाली 20 साल वेदांगी कुलकर्णी ने रोज 300 किलोमीटर साइकिल चलाकर दुनिया का सबसे तेज चक्कर लगाने वाली पहली एशियाई महिला बन गई हैं.
बता दें कि उन्होंने रविवार को कोलकाता में साइकिल चलाकर 29,000 किलोमीटर के मानक दूरी को पूरा किया
उन्होंने ये रिकार्ड मात्र 159 दिनों में बनाया,जिसके लिए वेदांगी ने 14 देशों की यात्रा करी
India's Vedangi Kulkarni
Vedangi Kulkarni
कहां से हुई थी शुरूआत
अपने इस सफर की शुरूआत उन्होंने आस्ट्रेलिया के पर्थ शहर से करी थी, और अब इसका अंत करने के लिए भी उन्हें वापस इसी शहर जाना है.
बता दें कि ऐसा करने वाली पहली भारतीय है इससे पहले किसी भी महिला या पुरूष ने ऐसा सफर नहीं तय किया था.
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गौरतलब है कि अभी तक महिलाओं में कम समय में विदेश के चक्कर लगाने के मामलें में ब्रिटेन की जेनी ग्राहम (38) का नाम सबसे ऊपर है.
उन्होंने मात्र 124 दिनों में साइकिल से दुनिया का चक्कर लगा लिया था. वहीं पुरुष केटेगरी में ये रिकॉर्ड मार्क बेनुमोंट के नाम है. उन्होंने सिर्फ 78 दिनों में इतना लंबा सफर पूरा किया था.
India's Vedangi Kulkarni
रास्ते में मिली कई चुनौतियां
न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में वेदांगी ने बताया कि उन्हें इस सफर में कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ा.
वेदांगी ने कहा कि कनाडा में जहां मेंरे पीछे एक भालु पड़ गया तो वहीं रूस में बर्फ से घिरी जगहोंपर उन्हें कई रात अकेले गुजारनी पड़ी. यही नहीं स्पेन में तो उनसे साथ चाकू की नोक पर लूटपाट भी हुई .
वेदांगी ने कहा कि यात्रा के दौरान उन्होंने शून्य से 20 डिग्री कम से 37 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान को झेलना पड़ा.
वो अपने सफर में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा, आइसलैंड, पुर्तगाल, स्पेन फ्रांस, बेल्जियम, जर्मनी, डेनमार्क, स्वीडन, फिनलैंड और रूस की जगहों की यात्रा करी.
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महिलाओं में डर खत्म करना मकसद
गौरतलब है कि वेदांगी ने अपनी इस यात्रा को#StepUpAndRideOn अभियान का नाम दिया है.
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जिसका मकसद खुद को कमजोर और असाहय समझने वाली महिलाओं में डर को खत्म करना है.
बता दें की वेदांगी ने महज 17 साल की उम्र में साइकिल से इस चतह की डेरिंग ट्रिप को करना शुरू कर दिया था. जुलाई 2016 में ही उन्होंने भारत में सबसे कठिन रास्ते मनाली से खरदुंगला तक साइकिल चलाई थी.