परमाणु हथियारों के खत्म होने की उम्मीद में इस देश में जल रही 54 सालों से लौ

Japan Peace Flame Nuclear Weapons
PC - Ilya Genkin

Japan Peace Flame Nuclear Weapons : जापान के हिरोशिमा में 1964 से लगातार जल रही है ये लौ

Japan Peace Flame Nuclear Weapons : साल 2020 में ओलिंपिक खेलों की मेजबानी जापान को दी गई है.  टोक्यो 2020 खेलों से जापान दुनिया भर को शांति और अहिंसा सिखाना चाहता है खासकर परमाणु हथियारों के खिलाफ.

इसकी एक वजह यह भी है कि जापान परमाणु बम का सबसे पहला और सबसे बड़ा भोगी है, इस बम के कारण हुई तबाही का नुकसान जो उसने उठाया है वो नहीं चाहता कि कोई और देश इससे गुजरे.
इसी आशा में जापान ने एक लौ जला रखी है जो साल 1964 से लगातार जल रही है. जापानी सरकार के मुताबिक ये लौ तब तक जलती रहेगी जब तक दुनियाभर से परमाणु हथियार खत्म ना हो जाए.
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दरअसल 6 और 9 अगस्त 1945 को हिरोशिमा और नागासाकी पर अमेरिकी फैजों द्वारा हुए परमाणु हमले में मारे गए लोगों की याद में जापानी सरकार ने े लौ जला रखी है

जापान पर हुआ था न्यूकलियर हमला

साल 1945 में 06 और 09 अगस्त को अमेरिका (America) ने जापान के हिरोशिमा पर परमाणु हमला किया था. लिटिल बॉय और फैट बॉय नाम के इस परमाणु बम ने हिरोशिमा और नागासाकी शहर पर भयंकर तबाही मचाई थी.
इस परमाणु हमले में  लगभग 2 लाख 14 हजार लोग मारे गए थे जबकि बम गिरने के बाद भी इसके असर इन दो शहरों में दिखता रहा. आज भी वहां पर पैदा होने वाले बच्चों में फिजिकल डिस्आर्डर की बिमारी रहती है.
इस हमले के बाद से ही जापान तब से  प्रमाणु हथियारों को लेकर सहज नहीं रहा है और दुनिया के सभी देशों से इसके इस्तेमात ना किए जाने की वकालत करता रहा है.
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ज्ञात हुए अभी बीते दिन जापान ने इस हमले की 73वीं वर्षगांठ मनाई है , इस मौके पर वहां कई शहरों खास कर हिरोशिमा और नागासाकि में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है.
इस साल को हमले की बरसी पर वार्षिक समारोह के लिए ग्राउंड जीरो के पास इस पार्क में खड़े होकर हिरोशिमा के मेयर कजुमी मात्सुई ने अपने वार्षिक संबोधन में एक ऐसे विश्व का आह्वान किया जो परमाणु रहित हो.