जानें क्यों झारखंड में CRPF जवानों को बनना पड़ रहा स्कूलों में बच्चों का शिक्षक

CRPF Jawans Teaching Childrens In Jharkhand School
PC - Dainik Jagran

CRPF Jawans Teaching Childrens In Jharkhand School : राज्य में पारा शिक्षकों की हड़ताल की वजह से जवानों को मिला पढ़ाने का निर्देश

CRPF Jawans Teaching Childrens In Jharkhand School : सरहद पर रक्षा हो या देश के अंदर किसी तरह के बिगड़ते हालात हर बार हमारी सेना के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए हमें हर मुसीबत से उबारा है.

एक बार फिर इनक द्वारा किए जा रहे महान कार्यों पर देश को गर्व करने का मौका मिला है. झारखंड के बोकारो जिले में सीआरपीएफ जवानों को इस समय वहां के स्कूलों में पढ़ाते हुए देखा जा रहा है.
अब आपके मन में सवाल होगा कि गोली बंदूक से लेकर नक्सलियों से लड़ने वाले ये जवान अचानक स्कूलों में क्यों पढ़ाने लगे तो इसका जवाब हम आपको बताते हैं.
दरअसल झारखंड में इस समय पारा शिक्षकों की हड़ताल चल रही है ऐसे में कोई भी शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल नहीं आ रहा इस वजह से वहां पूरी तरह से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई ठप पड़ी हुई है.
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ऐसे में इन बच्चों का भविष्य खराब ना हो इस कारण सीआरपीएफ जवानों ने उन्हें पढ़ाने का फैसला किया.
बता दें कि इसके लिए बकायदा उनके अधिकारियों ने उन्हें निर्देश तक जारी किया है ताकि वो स्कूलों में जाकर एक शिक्षक की रूप में मोर्चा संभाले
झारखंड के इस जिले में कुल 1568 सरकारी स्कूल संचालन में है जिसमें से 721 स्कूलों में पारा शिक्षक ही पढ़ाने जाते हैं. लेकिन उनकी हड़ताल की वजह से इन विद्यालयों में पढ़ाई कई दिनों से ठप पड़ी हुई थी.
ऐसे में वहां के सीआरपीएफ के बड़े अधिकारियों ने अपने जवानों को निर्देश दिया कि जब तक ये हड़ताल जारी है तब तक वो लोग जाकर इन स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने का काम करें.
न्यूज ऐजेंसी एनआई ने जब वहां जाकर शिक्षक बने जवानों से बातचीत करी तो उन्होंने कहा कि उन्हें बच्चों के बीच आकर काफी खुशी हो रही है और अपना बचपन याद आ रहा है.
वहीं जिला अधीक्षक रेणुका तिम्गा ने न्यूज 18 से बातचीत में बताया की पारा शिक्षकों की हड़ताल का वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है.
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जवानों के अलावा भी कई सामाजिक संगठन से जुड़े लोग आगे आकर बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं, जो अच्छी बात है.
गौरतलब है कि राज्य सरकार के कठोर रवैये के बावजूद पारा शिक्षक पीछे हटने को तैयार नहीं है और उनकी हड़ताल अब तक जारी है.