मिसाल ! कर्नाटक का ये हेडमास्टर रोज साफ करता है अपने स्कूल का टॉयलेट

Karnataka Headmaster Cleans School Toilet

Karnataka Headmaster Cleans School Toilet : स्कूल आने के बाद हेडमास्टर का पहला काम शौचालय साफ करना रहता है

Karnataka Headmaster Cleans School Toilet : आमतौर पर आपने स्कूलों के हेडमास्टर को बच्चों को डांटते,मारते या फिर केबिन में बैठकर फाइलें साइन करते देखा होगा .

इसमें कोई नया नहीं है स्कूलों के हेडमास्टर की जम्मेदारियों को हम यूं ही आंकते हैं इसमें हमारी कोई गलत धारणा नहीं है.
लेकिन कर्नाटक के मैसूर जिले में एक सरकारी स्कूल के ऐसे हेडमास्टर हैं जो हमारी इस सोच को गलत साबित कर सकते हैं.
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जी हां इस स्कूल के हेडमास्टर बी माहदेशवारा स्वामी की दिन की शुरुआत स्कूली बच्चों को लंबे लंबे लेक्चर या फिर उनके गंदी ड्रेस के लिए डांटने से नहीं होती बल्कि परिसर में बने टॉयलेट साफ करके होती है.

Karnataka Headmaster Cleans School Toilet

सुनने में थोड़ा अजीब लग रहा होगा लेकिन ये 100 फीसदी सच है मैसूर के होंगाहाल्ली के प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर बी माहदेशवारा स्वामी हर रोज अपने स्कूल के टॉयलेट की सफाई करते हैं वो भी बिना किसी चपरासी की मदद से.
सिर्फ यही नहीं इसके अलावा उन्होंने अपने स्कूल के बच्चों के लिए खुद के पैसे से लाइब्रेरी भी खोली है ताकि वहां आने वाले बच्चों के भविष्य में किसी प्रकार की कोई रूकावट ना आए.
इस जगह के लोगों का मानना है कि हेडमास्टर एक मिसाल है जो यह साबित करते हैं कि किस तरह एक अध्यापक अपनी कोशिशों से लोगो की सोच में बदलाव ला सकता है.
महादेश्वरा दिन की शुरुआत टॉयलेट की सफाइ से होता है , इसके बाद वह स्कूल के बागीचे में काम करते हैं. अपने साथ-साथ वह बच्चों को भी इस काम में लगाते हैं और उन्हें साफ-सफाई का महत्तव समझाते हैं.
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बता दें कि उन्होंने सर्वप्रथम अपने इस काम की शुरुआत 6 फरवरी साल 1988 से की थी जब उन्होंने बीआर हिल्स में एक ट्राइबल स्कूल में बतौर अध्यापक पढ़ाना शुरू किया था. वहां उन्होंने आठ साल तक काम किया.
इसके बाद साल 1994 में उन्होंने सरकारी अध्यापक के तौर पर जॉइन किया और अपनी मुहीम को भी यहां जारी रखा.
फिलहाल इस समय वो जिस स्कूल के हेडास्टर हैं वहां 121 बच्चे पढ़ते हैं और महादेश्वर की इन सब कोशिशों को देखते हुए सभी माता -पिता भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए उत्साहित रहते हैं.