8 साल की दिल्ली गर्ल ने बनाया ऐसा गेम, गूगल ने ऑफर कर दी नौकरी

Kid Coder Samaira Mehta

Kid Coder Samaira Mehta : गेम में बच्चों को कोडिंग के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बेसिक जानकारियां भी दी जाती हैं.

Kid Coder Samaira Mehta : आठ साल की उम्र के आम बच्चे अपना दिन स्कूल ट्यूशन या फिर अलग-अलग तरह की शरारते करने में बिताते हैं, लेकिन दिल्ली की समायरा इस बच्चों से बिल्कुल उलट हैं.

खुद के सीखने की उम्र में आज वो इस काबिल हो गई हैं कि बड़े बड़े लोग भी उनसे उनका ज्ञान हासिल करने के लिए लाइन में लगे हैं.
दरअसल समायरा ने बच्चों को कोडिंग की जानकारी देने के लिए ऐसा गेम तैयार किया है कि दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी गूगल ने उनसे प्रभावित होकर उन्हें अभी से ही नौकरी देने का वादा कर डाला .

Kid Coder Samaira Mehta

भाई के साथ मिलकर बनाया गेम
बता दें कि समायरा ने कोडरबनींज(CoderBunnyz) नाम से एक गेम बनाया है जिसके जरिए बच्चों को कोडिंग के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बेसिक जानकारियां भी दी जाती हैं.
समायरा ने इसे अपने 6 साल के भाई आदित्य के साथ मिलकर 2016  में बनाया है. यही नहीं उन्होंने CoderBunnyz गेम बनाने के बाद इसी नाम से कंपनी भी खोली, जिसकी वह सीईओ हैं.
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टैलेंट की कीमत भी लेती हैं समायरा
8 साल कि उम्र में समायरा ने सॉफ्टवेअर कोडिंग की दुनिया में कदम रखते हुए बच्चों के कोडिंग सीखाने के लिए ‘कोडरबुनज’ नाम का गेम बना डाला.
समायरा के इस गेम को थींकटैंक लर्निंग पीचफीस्ट 2016 में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ जिसके लिए उन्हें 2500 डॉलर बतौर ईनाम में मिला था.
इसके साथ ही समायरा ने अपने गेम को अमेजोन पर बेचना भी शुरू कर दिया है, अब तक समायरा ने एक हजार बॉक्स बेचकर 35000 डॉलर भी कमा लिए है.
अपने गेम को बेचने के लिए उन्होंने खुद ही बेहतरीन मार्केटिंग प्लान भी बना रखा है.
बता दें कि उनके इस काम में पिता राकेश मेहता, जो स्वयं सिलिकॉन वैली में इंजीनियर है अपनी बेटी को काफी सहयोग करते हैं.
समायरा के द्वारा लॉन्च किए गए गेम को अभी तक 106 स्कूल प्रयोग कर रहे हैं. राकेश मेहता का कहना है कि दुनिया में एक अरब बच्चे हैं और काफी लोग ‘कोडरबुनज’ गेम को स्कूलों को तोहफे में देने के लिए उत्सुक हैं.
सामाजिक कार्यों में लगाया पैसा
गेम बेचकर समायरा को जो मुनाफा होता है, उसका कुछ हिस्सा वह बेघर लोगों की मदद के लिए दान करती हैं. यही वजह है कि सितंबर में ही समाइरा को वर्ल्ड वाइड वुमन द्वारा आयोजित गर्ल्स फेस्टिवल में बुलाया गया था.

Kid Coder Samaira Mehta

कर चुकी हैं 50 वर्कशॉप
विदेशी पत्रकार Yitzi Weiner को दिए इंटरव्यूह में समायरा ने बताया कि वो इस गेम को लेकर अब तक 50 वर्कशॉप कर चुकी हैं और 2000 बच्चों को टीचिंग दे चुकी है.
उन्होनें कहा कि ये वर्कशॉप स्कूल,,टेक इवेंट्सगूगल, माइक्रोसॉफट और इंटल जैसी विश्व की बड़ी कंपनियों में दे रखी है.
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असफलता को लेकर कही बड़ी बात
अपने इंटरव्यूह में जिंदगी में अपनाए गए सिंगल लेसन के बारे में पूछे जाने पर समायरा कहती हैं कि उनके लिए आजीवन यही सीख रहेगी कि कभी असफलता से घबराना नहीं चाहिए,बल्कि हमें उसके बारे में सोचना चाहिए जो हमने अपने काम के दौरान पूरा नहीं किया.
उन्होंने कहा कि अगर मुझे कुछ कार्य करने के लिए मौका मिलता है और मुझे इसके अच्छा या बुरे के बारे में नहीं पता रहता तो मैं अपने इसी कोट को दिमाग में रिवाइस कर लेती हूं.