Kiran Bedi : पुडुचेरी की उपराज्यपाल ने नाबालिग लड़की की जबरन शादी रुकवाकर किया नेक काम

Kiran Bedi Open Defecation Decision

Kiran Bedi : लड़की ने मांगी थी मदद

Kiran Bedi : भारत की पहली महिला आईपीएस और वर्तमान में पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी ने बाल विवाह रोकने संबंधित नेक काम किया है.

भारत के कानूनों के प्रति अपना कड़ा रवैया रखने वाली किरण ने राज्य की 17 वर्षीय इंजीनियरिंग की छात्रा का 28 वर्षीय व्यक्ति से विवाह होने से रुकवा दिया है.
आपको बता दें कि भारत में लड़कियों के विवाह की न्यूनतम उम्र 18 साल है जबकि पुरुषों की 21 साल. इस लिहाज से छात्रा अभी शादी के लिए नाबालिग थी मगर फिर भी उसके घर वाले जबरदस्ती उसकी शादी उससे 10 साल बड़े लड़के से कर रहे थे.

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उपराज्यपाल से मांगी मदद
छात्रा ने अपने जबरन हो रहे विवाह को रूकवाने के लिए राज निवास के ओपन हाउस सत्र में याचिका डाली थी. लड़की ने अपनी इस याचिका में कहा था कि 22 जनवरी 2018 को उसके परिवार वाले उसकी जबरदस्ती शादी करवाने वाले हैं.
याचिका में लड़की ने बताया कि उसके माता-पिता मजदूरी का काम करते हैं और वो अपनी पढ़ाई पर लगने वाले सारे खर्च के लिए रिश्तेदारों पर निर्भर हैं.
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इस बारे में लड़की ने लेफ्टिनेंट गवर्नर से अनुरोध किया कि वह उसके माता-पिता और रिश्तेदारों से शादी को रोकने के लिए जरूरी कार्रवाई करें और उसे सुरक्षा प्रदान करें.
उपराज्यपाल किरण बेदी ने भी इस मामले में तुरंत कार्यवाही करते हुए लड़की को छात्रावास में भेजने का आदेश दे दिया है. सुश्री किरण बेदी ने ट्वीट कर बताया कि उन्होंने लड़की को हॉस्टल भेजने के लिए तुरंत आवश्यक कदम उठाए ताकि वह अपनी पढ़ाई जारी रख सके.
उपराज्यपाल लगाती हैं जनता दरबार
गौरतलब है कि लेफ्टिनेंट गर्वनर किरण बेदी हर रोज सार्वजनिक रूप से जनता की शिकायतें सुनने के लिए अपने राजनिवास में ओपन हाउस सत्र आयोजित करती हैं. जहां लोग अपनी हर तरह कि परेशानी के निस्तारण के लिए पहुंचते हैं.
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किरण बेदी ने पुडुचेरी के अपने 1 साल के कार्यकाल के दौरान ही 8386 लोगों की शिकायते सुनने के बाद उसका समाधान किया है. जबकि 2595 लोगों की समस्याओं का निराकरण तो सिर्फ फोन पर ही उन्होंने कर दिया.
हालांकि राज्य में किरण बेदी की बढ़ती सामाजिक छवि से वहां की सत्ताधारी सरकार सख्ते में जरूर आ गई है क्योंकि पुड़ुचेरी में अब लोग सरकार पर कम उपराज्यपाल पर ज्यादा भरोसा दिखा रहे हैं.

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