कोलकाता की इस हरी भरी टैक्सी में बैठने के एक नई कई हैं फायदे, जानें जरूर

Kolkata Bapi Green Taxi

Kolkata Bapi Green Taxi : धनंजय की ये टैक्सी कई मायनों में बेहद रोचक और प्रेरणादायक है.

Kolkata Bapi Green Taxi : आज के युवा अपने दिन का ज्यादातर वक्त स्मार्टफोन पर बताते हुए दिखते हैं, लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब लोग अक्सर अपना समय किताबें पढ़ने में बिताया करते थे.

मगर आज तो वो भी स्मार्टफोन पर ही पढ़ी जाती है. पहले के लोग ना सिर्फ किताबों को पढ़ते थे बल्कि उन्हें संग्रहित करने का भी उनके अंदर शौक होता था और वो अपने घरों में ही कई किताबें और कॉमिक्स की लाईब्रेरी बना लेते थे.

आज की जनरेशन में इसी रिवाज को फिर से जगाने का जिम्मा लिया है कोलकाता के धनंजय चक्रवती ने जो पेशे से एक कैब चालक हैं, धनंजय ने अपनी कैब को लोगों के अंदर कॉमिक्स पढ़ने को लेकर खत्म हो रही रूचि को एक बार फिर से जगाने का जरिया बना लिया है.

इसके अलावा पर्यावरण को लेकर जागरुकता फैलाने के इरादे से उन्होंने अपने एंबसेसडर कैब के उपर पिछले पांच साल से घास उगाई है, साथ ही टैक्सी के अंदर गमले भी रखे हैं जिसमें अब फूल भी खिलते हैं.
बापी ग्रीन टैक्सी’ के नाम से मशहूर धनंजय की ये टैक्सी कई मायनों में बेहद रोचक और प्रेरणादायक है.
धनंजय अपनी टैक्सी में हर बैठने वाले बच्चे और बड़ों को उसकी उम्र के अनुसार कॉमिक्स या किताब पढ़ने के लिए देते हैं ताकि वो अपने सफर के दौरान स्मार्टफोन से दूर रह सकें.
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इसके लिए उन्होंने अपनी टैक्सी के डैशबोर्ड को बुकशेल्फ़ में बदल दिया है, टैक्सी की पिछली सीट पर कॉमिक्स और किताबें अच्छी तरह से ढंकी हुई रखी रहती हैं ताकि कोई भी यात्री बड़ी आराम से अपने सफर के दौराम इसे पढ़ सके.
यही नहीं अगर धनंजय की टैक्सी में बैठने वाले व्यक्ति को कॉमिक या किताब पसंद आती है तो वह उसे आधे रेट में बेच भी देते हैं.
धनंजय बताते हैं कि टैक्सी में किताबें रखने का विचार उन्हें तब आया जब वो एक बार साथ सफर कर रहे बच्चे से एक कॉमिक्स के पात्रों के बारे में पूछा कि क्या उन्होंने पहले कभी इनके सुने है इसके बाद उन्होंने अपने स्मार्टफोन को स्क्रॉल करते बोला नहीं सुना है.
बच्चों के इस जवाब से वो पूरी तरह से निराश हो गए क्योंकि मध्यम आयु वर्ग के लोग इन कॉमिक्स को पढ़कर ही बड़े हुए हैं. तब उन्होंने इस छोटे से बदलाव की शूरूआत करी.
बता दें कि अपनी पहली टैक्सी के अलावा धनंजय ने अब एक और टैक्सी लॉन्च की है जिसमें उभरते हुए कोलकाता आइकन और उनके पहल से प्रभावित कलाकारों के लिए शुभकामनाएं लिखी हुई हैं.