Moradabad Village: हिंदु-मुसलमान ने आपसी सौहार्द के लिए धार्मिक स्थलों से हटाए लाउडस्पीकर

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Moradabad Village: जिले के भगतपुर के त्रियादान गांव का है ये मामला

Moradabad Village: यूपी के मुरादाबाद जिले के एक गांव में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोगों ने आपस में सांप्रदायिक सौहार्द बरकरार रखने के लिए एक अनोखी पहल की है.

दरअसल गांव के दोनों संप्रदाय के लोगो ने अपने अपने धार्मिक स्थलों से लाउडस्पिकर हटाने का फैसला किया है. जिसके तहत हिंदुओं ने अपने मंदिर और मुसलमानों ने अपनी मस्जिद पर लगे सभी लाउड स्पीकरों को हटा दिया है.
गौरतलब है कि इस गांव में पिछले तीन सालों में दोनों समुदाय के बीच इसी वजह से कई तनाव पूर्ण हिंसा हो चुकी है.
बुजुर्गों की कोशिश रंग लाई
आपको बता दें कि इस फैसले में सबसे बड़ा हाथ गांव के बुजुर्गों का माना जा रहा है. क्योंकि इन्हीं बुजुर्गों ने अपने अपने समुदाय के लोगों को इसके लिए मनाया और इससे हो रहे नुकसान के बारे में उन्हें समझाकर ऐसा करने के लिए प्रेरित किया.
40 वर्षीय गांव के निवासी दिनेश सिंह बताते हैं कि भगतपुर के त्रियादान गांव में पिछले तीन साल से लाउडस्पीकर की आवाज दोनों समुदाय के बीच विवाद का कारण बनी हुई थी.
इसी कारण बाहरी गांव के लोग इसका फायदा उठाकर यहां के दोनों समुदाय के लोगों को लगातार भड़का रहे थे. जिसकी वजह से गांव में कई बार हिंसा का माहौल बना और गांव के लोग बेवजह इसका शिकार बने.
वहीं गांव के ही दुसरे बुजुर्ग 55 वर्षीय जाकिर हुसैन ने कहा कि हिंसा एक शैतान का कार्य है.
उन्होंने बताया कि हमने रमजान के पवित्र महीने में मस्जिदों के मीनारों से लाउडस्पीकर हटाने का फैसला किया. इसके अलावा हमारे हिंदू भाइयों ने भी अपने मंदिरों से लाउडस्पीकरों को हटा दिया. जिसके बाद से हम सब यहाँ शांति  के साथ अपने गांव में मिलजुलकर रहते हैं.
वहीं हिंदू मुस्लिम समुदायों के बीच लिए गए इस साहसिक फैसले में मुरादाबाद के पुलिस और जिला प्रशासन ने भी दोनों समुदायों के बड़ों द्वारा उठाए गए इन प्रयासों की काफी प्रशंसा की है.
गौरतलब है कि बीते कुछ समय से उत्तर प्रदेश में लाउड स्पीकर बहुत बार सांप्रायदिक दंगो की वजह बन चुका हैं.
ऐसे में यह फैसला माकूल जवाब है उन सभी के लिए, जो अपने निजी फायदे कि लिए दो समुदायओं के लोगों के बीच घृणा का भाव पैदा करते हैं.

साभार- टाइम्स ऑफ इंडिया

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