जानें कैसे 14 साल के एक बच्चे ने बदल दी 300 दिव्यांगों की जिंदगी

School Student Work For Disabled Person

School Student Work For Disabled Person : वीर ने क्राउड फंडिंग की मदद से 14 लाख रुपए इक्कठ्ठा किए और अपाहिजों की मदद करी

School Student Work For Disabled Person :  जहां आमतौर पर 14 साल के बच्चे 10वीं की परीक्षाओं में अच्छे नबंर के लिए मेहनत करते हैं , खेल और पढ़ाई के बीच रोज नए नए सपने देखते है.

लेकिन इसी उम्र में महाराष्ट्र के अमेरिकन स्कूल ऑफ बांबे में पढ़ने वाले वीर किसी और ही राह पर निकल चुके हैं, और ये राह है समाज सेवा की
9 वीं कक्षा में पढ़ने वाले वीर ने क्राउड फंडिंग की मदद से 14 लाख रुपए इक्कठ्ठा किए और उससे 300 लिंब(नकली पैर) से दिव्यांग लोगों को फिर से उनके पैरों पर खड़ा करने का काम किया है.
बता दें कि ये वो लोग थे जो गरीबी के कारण अपने पैरों का इलाज नहीं करवा पा रहे थे.
लोगों को उनके अर्टिफिशयल पैर देकर वीर ने उनकी मदद करके ना सिर्फ उन लोगों की जिंदगी को नई दिशा दी बल्कि बहुत से लोगों के लिए मिसाल भी बन चुके हैं.
महाराष्ट्र में सेठ भगवानदास जे अग्रवाल चैरिटेबल ट्रस्ट ने जयपुर फुट कैंप कराया जिसमें ऐसे लोगों को बुलाया गया था जो इस परेशानी से ग्रस्त थे.
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ये ट्रस्ट महाराष्ट्र में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में काम करते हैं. यहां लगभग 350 लोग पहुंचे थे जिसमें से करीब 300 लोगों को लिंब दिए गए वहीं बाकी लोगों को वील चेयर दी गई.
 हम सब को जानकर खुशी होगी कि ऐसा वीर की अपने क्राउड फंडिंग से इक्ठ्ठा किए 14 लाख रुपए की मदद से किया गया.

School Student Work For Disabled Person

वीर से जब इसके पीछे की वजह पूछी गई तो उन्होंने बताया कि जब वह पांच साल के थे तब वह एक गंभीर कार एक्सीडेंट का शिकार हुए थे.
इस हादसे के बाद वो तीन से ज्यादा महीने के लिए बेड पर ही थे. उन्हें इतना ज्यादा दर्द महसूस होता था कि वो बर्दाश्त नहीं कर पाते थे.
आज भी वह इसके निशान देखते हैं तो उन्हें एहसास होता है कि वह किस तरह इससे बाहर निकले हैं.
इसी दौरान उन्हें ऐसे विकलांग लोगों की तकलीफ का भी एहसास हुआ और उन्होंने ऐसे लोगों की मदद करने की ठानी.
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कैसे हुई इसकी शुरूआत
दिव्यागों की मदद के लिए उन्होंने अपने एक रिश्तेदार की मदद से जयपुर फुट कैंप की शुरुआत की. इसके अलावा क्राउड फंडिंग के लिए उन्होंने वेबसाइट, अकाउंट और बाकी चीजों के लिए अपने पिता की मदद ली.
अपने इस प्रयास से वीर कई लोगों की जिंदगी में खुशी का कारण बन हए हैं, लोग जब उन्हें आर्शीवाद देते हैं, कैंप से खुशी के साथ लौटते है तो वह बहुत खुश होते हैं.
हालांकि वह इससे संतुष्ठ नहीं होते क्योंकि उन्हें इसे और आगे लेकर जाना है और और ज्यादा लोगों की जिंदगी में रोशनी फैलानी है. इसके लिए उन्होंने #vHelp To Walk नाम से एक सामाजिक संगठन भी बनाई है.
ह्यूमन जंक्शन की टीम वीर के द्वारा किए जा रहे इन कामों का काफी समर्थन करती है और उम्मीद करती है वो आगे भी कई दिव्यागों के जीवन में इसी तरह खुशी लाने का काम करें.

खबर व फोटो साभार द बेटर इंडिया

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