SSB Adopt Orphan Kids : देश की सशस्त्र सीमा बल अनाथ किशोरों को लेगी गोद, बनाएगी सेना का जवान

SSB Adopt Orphan Kids
फोटो साभार- एसएसबी

SSB Adopt Orphan Kids : एनसीपीसीआर के साथ मिलकर करेगी काम

SSB Adopt Orphan Kids : जब भी हमारे देश के नागरिक किसी भी तरह की मुश्किल में पड़ते हैं तो हमेशा से हमारी सेना के जवान अपना हाथ आगे बढ़ाकर उनकी मदद करते आए हैं.

आज एक बार फिर उन्होंने अपना हाथ मदद के लिए बढ़ाया है और इस बार उनका साथ मिला है देश के अनाथ बच्चों को.
आपको बता दें कि भारत की सशस्त्र सीमा सुरक्षा बल अब देश के अनाथ बच्चों को गोद लेने जा रही है. और इसके पीछे का मुख्य मकसद इन अनाथ बच्चों के जीवन सुधार और प्रशिक्षित कर उन्हें देश की सेना में शामिल कराना है.
भारत की राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के साथ मिलकर सेना ने यह काम करने का फैसला लिया है. एनसीपीसीआर की सदस्या रूपा कपूर ने बताया कि जब सेना को हमारी इस मंशा के बारे में पता चला तो वह फौरन तैयार हो गए.
जानकारी के लिए आपको बता दें कि फिलहाल देश में 9000 चाइल्ड केयर संस्थान चलाए जा रहे हैं
मेल टूडे में छपी खबर के मुताबिक सेना ने अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी चाइल्ड केयर संस्थानों में रह रहे 15 से 18 साल के बच्चों की सूचि तैयार कराने के आदेश दिया है.
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ऐसा पहली बार हो रहा है जब सेना के किसी  दल ने अनाथ बच्चों को अपनाने के लिए इस तरह का कोई कदम उठाया है.
असम में होगी ट्रेनिंग
एसएसबी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से बांटा जाएगा और फिर उनकी जरूरत के हिसाब से उन्हें ट्रेन किया जाएगा. इसमें ज्यादातर बच्चों की संख्या  बंगाल, झारखंड और उत्तर प्रदेश जैसे बॉर्डर राज्यों की हैं.
इस ट्रेनिंग में उनकी काउंसलिंग की जाएगी साथ ही उन्हें मेडिकल ट्रेनिंग भी दी जाएगी ताकि हर तरह की आपात स्थिति से निपटने में वो सक्षम बन सके. इसके अलावा इन बच्चों को कम दरों पर बैंक लोन भी दिया जाएगा ताकि वह अपना करियर बना सके.
एसएसबी ने दावा किया है कि इस कदम से अनाथ बच्चों को भविष्य बनाने में मदद मिलेगी इसके लिए वो वह हर संभव मदद करने को तैयार है.
इसकी शुरुआत असम से की जाएगी ,जहां अगले महीने से इन बच्चों की ट्रेनिंग शुरू कर दी जाएगी. यहां उनके रहने,खाने और शिक्षा का खर्च खुद सेना वहन करेगी.
गौरतलब है कि हमारे देश की सीमा सुरक्षा बल नेपाल और भूटान से जुडे बार्डर एरिया की हिफाजत करती है.
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एसएसबी की ये पहल सराहनीय
मंत्रालय अब इस तरह के अनाथों को गोल्ड, प्लेटिनम और सिल्वर के तौर पर विभाजित करेगा ताकि ये अंदाजा लगाया जा सके कि किसे कितनी और किस तरह की मदद की जरूरत है.
देश के भविष्य का अहम हिस्सा यह बच्चे भी है जिनके बारे में सोचने वाले बहुत कम ही लोग हैं. ऐसे में सरकार के साथ सेना का हाथ इन अनाथों पर होगा तो यकिनन उनका भविष्य बहुत उज्जवल होगा.

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