सड़कों के गड्ढों को भरने के लिए स्कूली बच्चों ने बनाई खास मशीन

Students Invent Potholes Warrior Machine
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Students Invent Potholes Warrior Machine : साल 2017 में 3,597 लोगों की मौत सड़कों पर पड़े गड्ढों की वजह से हुई है.

Students Invent Potholes Warrior Machine : अखबरों में आपने अक्सर पढ़ा होगा कि पॉटहोल(गड्ढे) की वजह से सड़कों पर कई बड़े हादसे होते रहे हैं.

इसके एक बहुत बड़ा खतरा माना जाता है क्योंकि इससे न केवल यातायात के लिए मुश्किलें खड़ी होती हैं बल्कि ये दुर्घटनाओं की वजह भी बनता है जिसमें गिरने या टकराने से कई लोगों की जान तक चली जाती है.
आमतौर पर इन पॉटहोल को कवर या उसे भरने का काम नगर निगम या पीडब्लूयडी अपने कर्मचारियों से करवाता है जिसमें काफी समय लग जाता है इसके बाद भी कई जगह वो वैसे ही खुले रहते हैं
लेकिन आंध्र प्रदेश के क्रॉसवर्ड स्कूल के छात्रों ने एक ऐसी मशीन बनाई है जिसकी मदद से सड़कों की मरम्मत बिना किसी मैन पावर के आसानी से की जा सकेगी. इस मशीन को उन्होंने पॉटहोल योद्धा का नाम दिया है.
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अंग्रेजी अखबार द हिंदू से बातचीत में प्रिंसिपल केशव रेड्डी ने बताया कि उनके स्कूल के छात्रों को इस डिजाइन के लिए अक्टूबर में IIT खड़गपुर में आयोजित हुए यंग इनोवेटर्स कार्यक्रम में फर्स्ट रनरअप का पुरस्कार मिला है.
उन्होंने बताया कि देश भर से 2,000 से अधिक स्कूलों ने अपने छात्रों द्वारा बनाए गए मॉडल भेजा था जिनमें से केवल 24 टीमों को ही आईआईटी परिसर में उनके मॉडल को पेश करने के लिए आमंत्रित किया गया था.
Students Invent Potholes Warrior Machine
PC – The Hindu
पॉटहोल को ढकने मे कैसे काम करेगी मशीन
हेमा श्रीवानी एस, विष्णुत्जा च और सुधमशु जी द्वारा एक पोर्टेबल व्हील बैरो युक्त मशीन को डिजाइन किया गया है जिसमें रोड में मिक्स करने वाला आवश्यक टार डाला जाता है.
खुद से इसके चलने के लिए आवश्यक इलेक्ट्रॉनिक सर्किटरी उसके व्हील बारो के नीचे लगाया गया है. इस सर्किट्री में अल्ट्रासाउंड सेंसर, आर्डिनो माइक्रो-कंट्रोलर और सर्वो मोटर पहले से लगे रहते हैं.
इसके अलावा एक माइक्रो कंट्रोलर बनाया गया है जो कि पोटहोल का साइज नाप कर उसके जितना टार बनाता है और फिर उससे एक पेडल संचालित रोलर उस टार को छेद में डाल देता है.
यह मशीन काफी हद तक मैन पावर को कम कर देगा .बता दें कि इस स्कूल के बच्चे पहले भी इस तरह के इनवेशन से प्रतियोगिताएं जीत चुके हैं.
वहीं स्कूल के मैनेजमेंट का कहना कि वो अपने बच्चों को इस तरह से तैयार करते हैं कि वो आगे चलकर देश की मौजूदा परेशानियों का हल निकाल सकें.
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1 साल में गड्ढों ने ली हजारों जानें
दरअसल अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में खुलासा किया है कि भारत के अंदर साल 2017 में 3,597 लोगों की मौत सड़कों पर पड़े गड्ढों की वजह से हुई है.
यानि की भारत की इन सड़कों पर सिर्फ गड्ढों की वजह से ही औसतन रोजाना 10 लोगों की जान जा रही है. वहीं अगर इसके पीछले साल की तुलना करें तो साल 2016 में हुई मौतों से यह संख्या 50 फीसदी ज्यादा है.