Students Pocket Money : बेंगलुरू के चार बच्चों ने सरकारी स्कूल की मरम्मत के लिए दान की अपनी पॉकेट मनी

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Students Pocket Money : सभी बच्चों को करेगा प्रेरित

Students Pocket Money : आज कल के बच्चों को मां बाप द्वारा दी जाने वाली पॉकेट मनी के कम ज्यादा को लेकर  झगड़ते हुए देखना आम हो गया है.

बता दें कि पॉकेट मनी घर वालों के द्वारा दिए जाने वाला वो पैसा रहता हो जिसे वो अपने बच्चो को खुद के खर्च के लिए देते हैं.
वैसे तो ज्यादातर बच्चे अपने इस पैसों को दोस्तों के साथ घूमना या फिर शापिंग करने में तुरंत ही खर्च कर देते हैं. जबकि कुछ बच्चे इसे बचाकर अपने आने आने वाले कल की छोटी मोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए सुरक्षित रखते हैं.
मगर आज हम आपको बेंगलुरु के ऐसे 4 बच्चों की कहानी बताने जा रहे हैं जिन्होंने अपनी मिलने वाली पॉकेट मनी का इस्तेमाल ऐसे काम के लिए किया जो लाखों बच्चों के लिए प्रेरणादायक है.
दरअसल बेंगलुरु शहर के चार बच्चों ने एक सरकारी स्कूल की मरम्मत के लिए अपनी महीनों से बचाई गई पॉकेट मनी को दान में दे दिया.
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निधि शंकर रेड्डी, नेहा रेड्डी, ध्रुव रेड्डी और दीक्षिता  रेड्डी नाम के इन बच्चों ने लगभग 1.5 लाख रुपए अपने पॉकेट मनी से बचाकर कल्याण नगर के पास के सरकारी प्राथमिक विद्यालय के विकास कार्य पर खर्च करने के लिए स्कूल प्रशासन को दे दिए.
इन बच्चों के द्वारा दान में मिले  पैसों के बारे में स्कूल प्रिंसिपल का कहना है कि वो अब इन पैसों से विद्यालय में सर्वप्रथम शौचालय का निर्माण कराएंगी. इसके अलावा कक्षाओं में बच्चों को बैठने के लिए जो सीटें टूटी पड़ी थी उन्हें भी इन पैसों की मदद से बदला जाएगा.
गौरतलब है कि इन चारों बच्चों के मां बाप को इस दान के बारे में कोई भी जानकारी नहीं थी. लेकिन जब उन्हें स्कूल की शिक्षकों ने उनके बच्चों के इस कदम से अवगत कराया तो वो खुद को काफी गौरवांनवित महसूस करने लगे.
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वहीं पूर्व विश्विद्यालय छात्रा निधि ने अपने इस फैसले के पीछे के कारण को बताते हुए कहा कि उनके मां बाप सक्षम है जिस वजह से वो एक अच्छी सुविधा वाले स्कूल में पढ़ते हैं.
लेकिन इन छात्रों को गरीब होने के कारण मौलिक सुविधाएं भी स्कूल में नहीं मिल पाती. जिस वजह से उन्होंने अपनी पॉकेट मनी की बचत करके स्कूल की मदद करने का निर्णय लिया.
इस नेक काम में निधि के अलावा 4th स्टैंडर्ड में पढ़ने वाली दीक्षिता, 8 वीं कक्षा के छात्र ध्रुव और एसएसएलसी की छात्रा नेहा भी उनकी बराबर की सहयगी हैं.

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