लोगों को आत्महत्या करने से रोकने के लिए मुंबई के डॉक्टरों ने बनाया नया मोबाइल ऐप

demo pic
देश में डिप्रेशन की वजह से लोगों के द्वारा बढ़ती आत्महत्या के प्रयास को रोकने के लिए मुंबई के डॉक्टरों ने एक मुफ्त मोबाइल एप्लिकेशन ऐप लांच किया है.
यह मोबाइल ऐप किसी व्यक्ति के भावनात्मक संकट में उसे एक हेल्पलाइन की तरह निर्देशित करेगी, और उसे ऐसा ना करने के लिए प्रेरित करेगी
इस ऐप का नाम emotional support helpline directory रखा गया है. जिसे कोई भी व्यक्ति गूगल प्लेस्टोर पर जाकर आसानी से डॉउनलोड कर सकता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) के द्वारा घोषित विश्व आत्महत्या निवारण दिवस के मौके पर इस ऐप को लांच किया गया है.
इस ऐप का मुख्य मकसद लोगों को आत्महत्या करने से रोकना और इसके बार में जागरूकता पैदा करना है.
इस ऐप में पूरे भारत की 50 से अधिक आत्महत्या की रोकथाम करने वाली संस्थाओं के हेल्पलाइन नंबर की जानकारी उपलब्ध है. जो ऑटोमेटिकली उपयोगकर्ता के सबसे निकटतम हेल्पलाइन नंबर को दर्शाता है.
इस ऐप को बनाने वाले डॉ मिलन बालाकृष्णन बताते हैं कि उन्होंने अपने एक दोस्त की मदद से इस ऐप का बुनियादी रूप एक साल पहले ही तैयार कर लिया था.
लेकन इस साल आईटी पेशेवर की मदद से इसे ठीक से विकसित कर लोगों के लिए पूर्ण रूप से लांच कर दिया गया है.
डॉ बालकृष्णन कहते हैं कि इस ऐप में मौजूद सभी नंबरों की कई बार जांच की गई है.
पेशे से मनोचिकित्सक डॉ बालकृष्णन कहते हैं कि कोई भी व्यक्ति कभी अचानक से आत्महत्या नहीं करता. वो ऐसा करने से पहले कई बार सोचता है.
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर कभी आपके आसपास कोई मित्र या रिश्तेदार चितिंत दिखता है और वह आपके पूछने पर भी कुछ नहीं बताता तो आप उसे इस ऐप का लिंक भेज सकते हैं. ताकि उसे उसके भावनात्मक समय के लिए एक विकल्प मिल जाए जहां वो अपनी परेशानी साझा कर सकता है.
डब्ल्यूएचओ की 2014 में प्रकाशित आत्महत्या रोकथाम पर पहली वैश्विक रिपोर्ट के मुताबिक हर साल पूरे विश्व में 8 लाख लोग आत्महत्या से मरते हैं. यानि की हर 40 सेकेंड में एक व्यक्ति की मौत आत्महत्या करने की वजह से होती है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2012 में भारत दुनिया का सबसे ज्यादा आत्महत्या करने वाला देश था.
विश्व स्तर पर आत्महत्या के सबसे आम तरीकों में कीटनाशक के जहर, फांसी और खुद को आग लगाना शामिल है.
आत्महत्या को रोकने के प्रयास में काम करने वाले इस नए ऐप को बॉम्बे साइकेट्रिक सोसाइटी की अध्यक्ष नीती सप्रु ने इसे लोगों के बीच जागरूकता पैदा करने की दिशा में एक महान कदम बताया है.
उन्होंने कहा कि पहले के अध्यन से पता चलता है कि फोन आधारित हेल्पलाइन आत्महत्या को रोकने में एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप साबित हो सकता है.

साभार-हिन्दुस्तान टाइम्स