The Gutless Foodie : जानिए बिना पेट वाली इस फूड़ी महिला की कहानी जो हर किसी के लिए है प्रेरणा

The Gutless Foodie
फोटो साभार- फेसबुक

The Gutless Foodie : नताशा दीद्दी की कहानी है कुछ खास

The Gutless Foodie : भारत में लड़कियों के लिए खाना बनाना सीखना उनकी परवरिश का एक अहम हिस्सा माना जाता है.

हमारे समाज में लड़की जब बड़ी हो जाती है तो परिवार का हर व्यक्ति उससे यही उम्मीद करता है कि वो अच्छा खाना बनाना सीख जाए. ताकि उसे कभी खाने को लेकर शर्मिंदा ना होना पड़े.
लेकिन आज हम अपनी इस कहानी में एक ऐसी लड़की की बात कर रहें जिसके लिए खाना बनाना सिर्फ एक काम नहीं बल्कि जिंदगी जीने का मकसद है.
इंस्टाग्राम पर ‘द गटलेस फ़ूडी’ के नाम से चलने वाले अकाउंट पर आपको लाजावाब खाने की बहुत सी तस्वीरें और उसको बनाने की विधि मिल जाएगी.
इस अकाउंट के अब तक 46 हज़ार फ़ॉलोअर्स हो चुके हैं, जिसका श्रेय जाता है द गटलेस फूडी अकाउंट की संचालिका नताशा दीद्दी को.
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लेकिन आपको बता दें कि नताशा का यह अकाउंट जितना खास नहीं है उससे भी कई ज्यादा वह खुद खास है.
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फोटो साभार- फेसबुक
जिंदगी का मकसद ही खाना बनाना
The Gutless Foodie : नताशा ने मुंबई के दादर कैटरिंग कॉलेज से पढ़ाई की थी. उन्हें बचपन से ही खाना बनाने का शौक था.
पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने मुंबई के कई बड़े रेस्टोरेंट और होटलों में काम किया. जहां उन्होंने तरह तरह के खाना बनाने की रेसिपि  सिखी.
मगर कुछ समय बाद नताशा ने शादी कर ली और दिल्ली शिफ़्ट हो गईं.
दिल्ली में नताशा जिस जगह काम करती थी वहां उन्हें दुनिया के अलग-अलग शेफ़ से मिलने और उनका फ़ूड कल्चर समझने का मौका मिलता था.
लेकिन इसके बावजूद भी वो दिल्ली में खुद को एडजस्ट नहीं कर पा रही थी.
शादी के कुछ समय बाद ही उनके पति और ससुराल वाले उन्हें परेशान करने लगे थे . जिस वजह से उन्होंने अपनी शादी को खत्म कर अपने पति से तलाक ले लिया.
इस दौरान उनकी ज़िंदगी में जो कुछ भी हो रहा था, उसका वो बहुत स्ट्रेस लेने लगी थीं. जिसका असर उनके शरीर पर पड़ना शुरू हो गया.
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सन् 2010 तक तो उनकी स्थिति ऐसी हो गई थी कि वो कुछ भी खातीं तो उनके बाएं कंधे में ज़ोरों का दर्द होने लगता.
जब उन्होंने अपनी इस परेशानी के बारे में डॉक्टर को दिखाया तो पता चला कि उनके पेट में ब्लीडिंग अलसर्स और ट्यूमर हैं.
नताशा की इस बिमारी के बारे में जानकर खुद डॉक्टर भी हैरान हो गए. उस समय नताशा का वज़न मात्र 38 किलो और शरीर में हीमोग्लोबिन 4.0 बचा था.
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सर्जरी में निकाला गया नताशा का पेट
The Gutless Foodie : लगभग 9 घंटे तक चली सर्जरी के बाद जब नताशा को होश आया तो उन्हें एहसास हुआ की उनका पेट अंदर से खाली है.क्योंकि डॉक्टरों ने सर्जरी के दौरान उनका पेट निकाल दिया था .
जिस वजह से वो आज जो कुछ भी खाती हैं, सब एक घंटे में पचकर शरीर से बाहर निकल जाता है.
उन्हें कभी भी भूख नहीं लगती, चूंकि उनका पेट नहीं है तो वो विटामिन बी प्रोड्यूस नहीं कर पातीं. जिसका सीधा असर उनकी याद्दाश्त पर पड़ता है.
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पेट खोने के बाद भी खाना बनाने की भूख शांत नहीं हुई
The Gutless Foodie : अपने शरीर में हुए इतने बड़े बदलाव के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी. और अपने खाना बनाने के जुनून को फिर से फॉलो करना शुरू कर दिया.
उन्होंने खुद को अपने खाना बनाने के पैशन में घुसाकर अपनी जिंदगी को नार्मल करने की कोशिश की. जिसका अंदाजा हम उनकी द गटलेस फूडी अकाउंड पर डाली गई तस्वीरों से लगा सकते हैं.
नताशा को ज्यादातर इंडियन रेसिपिज बनाने का शौक है क्योंकि वो चाहती हैं कि भारत के हर घर की महिला या पुरुष बेहतरीन खाना बनाना सीख ले.
नताशा की खाना बनाने के इसी शौक ने उनकी जिंदगी बदल दी है, तभी तो आज इतनी मुश्किलों का सामना करने का बाद भी उनके लिए यह काम सुकुन भरा है.

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